
मुंबई : रंगों के त्योहार की उमंग उस समय लापरवाही में बदल गई, जब विरार से माहीम जा रहे कुछ लोगों ने लोकल ट्रेन के दरवाजों पर बड़े-बड़े बांस और सुपारी के पेड़ की झावड़ियां बांध दीं। इस खतरनाक हरकत से न केवल आम यात्रियों को भारी असुविधा हुई, बल्कि उनकी जान भी जोखिम में पड़ गई। मामले की जानकारी मिलते ही पश्चिम रेलवे ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोरीवली स्टेशन पर संबंधित यात्रियों को उतार दिया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बताया जा रहा है कि विरार और माहीम के बीच होली से जुड़ी एक पुरानी परंपरा है, जो ब्रिटिश काल से चली आ रही है। माहीम के मोरी रोड क्षेत्र में कभी बड़ी संख्या में चॉलें हुआ करती थीं। समय के साथ इनकी जगह बहुमंजिला इमारतों ने ले ली और कई परिवार विरार में बस गए। बावजूद इसके, इन परिवारों ने होली की पारंपरिक रस्म को जीवित रखा है। हर साल वे बांस और झावड़ियां लेकर ढोल-ताशों और जयघोष के साथ लोकल ट्रेन से माहीम पहुंचते हैं और सामूहिक रूप से होली मनाते हैं।
हालांकि इस बार उत्सव का यह तरीका विवाद का कारण बन गया। यात्रियों ने विरार–चर्चगेट लोकल के दरवाजों पर बांस आड़ी बांध दिए, जिससे ट्रेन में चढ़ने और उतरने में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई। अन्य यात्रियों को धक्का-मुक्की और चोट लगने का खतरा बना रहा। रेलवे प्रशासन ने इसे सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए सख्त रुख अपनाया।
रविवार रात 11.40 बजे यह लोकल विरार से रवाना हुई थी। बांस बांधने के कारण ट्रेन को स्टेशन पर कुछ समय तक रोके रखा गया। जब ट्रेन बोरीवली के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंची तो ड्यूटी पर मौजूद स्टेशन प्रबंधक ने डिब्बों की जांच की और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। इस घटना के चलते रात 12.24 से 12.46 बजे तक करीब 20 मिनट लोकल सेवा प्रभावित रही, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाद में संबंधित व्यक्तियों को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ कार्यालय ले जाया गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। आकाश ढोणे (33), सागर बने (22), अनिल कुमार सिंह (22), अशोक गुंजलप्पा (27), ब्रह्म देना हुसैन (38) और शेखर कोली (37) के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 145 (ब) और 145 (क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों की आड़ में सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।