Home ताजा खबरअब पालघर से मिलेगी उच्च शिक्षा को नई उड़ान, मुंबई विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा दूरस्थ शिक्षा केंद्र

अब पालघर से मिलेगी उच्च शिक्षा को नई उड़ान, मुंबई विश्वविद्यालय का बड़ा फैसला, ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा दूरस्थ शिक्षा केंद्र

by trilokvivechana
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मुंबई। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में मुंबई विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। University of Mumbai ने पालघर में अपने सेंटर ऑफ डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (सीडीओई) का नया अध्ययन केंद्र शुरू करने का निर्णय लिया है। यह नया केंद्र तेम्भोडे स्थित सोनोपंत दांडेकर कॉलेज परिसर में स्थापित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि आगामी शैक्षणिक सत्र में यहां लगभग एक हजार विद्यार्थियों का नामांकन होगा।

विश्वविद्यालय के इस फैसले को पालघर, बोईसर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब तक इन क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा और अध्ययन सामग्री के लिए मुंबई के कलिना परिसर तक आना पड़ता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए केंद्र के शुरू होने से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही प्रवेश, अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

सीडीओई के निदेशक डॉ. शिवाजी सरगर ने बताया कि विश्वविद्यालय के रत्नागिरी और सावंतवाड़ी में पहले से संचालित केंद्रों में लगभग दो हजार छात्र अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पालघर केंद्र के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बहु-कौशल पाठ्यक्रमों और ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा। इससे रोजगार आधारित शिक्षा को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

डॉ. सरगर के अनुसार, दूरस्थ शिक्षा प्रणाली ने उन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के द्वार खोले हैं जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक कारणों से नियमित कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले पाते। हालांकि अब तक दस्तावेजों और अध्ययन सामग्री के लिए विद्यार्थियों को बार-बार विश्वविद्यालय आना पड़ता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पालघर केंद्र में सभी आवश्यक अध्ययन सामग्री और प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

नए केंद्र में सीडीओई द्वारा संचालित अधिकांश पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सुविधा होगी। हालांकि मनोविज्ञान और स्वास्थ्य विज्ञान से जुड़े पाठ्यक्रम यहां उपलब्ध नहीं होंगे। विश्वविद्यालय ने यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा स्वास्थ्य संबंधी पाठ्यक्रमों के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों के बाद लिया है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल एक नया केंद्र खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को मुख्यधारा की उच्च शिक्षा और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इससे पालघर और आसपास के क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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