Home ताजा खबरक्रिकेट कैंप में मौत का खेल!, पिच रोलर के नीचे दबकर 15 वर्षीय खिलाड़ी की दर्दनाक मौत, कोचों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला

क्रिकेट कैंप में मौत का खेल!, पिच रोलर के नीचे दबकर 15 वर्षीय खिलाड़ी की दर्दनाक मौत, कोचों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला

by trilokvivechana
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सोलापुर, 2 जून। क्रिकेट के मैदान पर भविष्य के सितारे तैयार करने वाले एक समर कैंप में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे खेल जगत को झकझोर कर रख दिया। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के बारशी शहर में आयोजित एक क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर के दौरान 15 वर्षीय प्रतिभावान खिलाड़ी आरव उर्फ विरेन चौधरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने दो कोचों और संबंधित क्रिकेट संस्थाओं के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह हादसा 30 मई की सुबह उस समय हुआ, जब प्रशिक्षण सत्र शुरू होने से पहले क्रिकेट पिच को तैयार किया जा रहा था। आरोप है कि मैदान की तैयारी के दौरान कुछ नाबालिग खिलाड़ियों से भारी पिच रोलर खिंचवाया जा रहा था। आरव भी अपने साथियों के साथ उस भारी उपकरण को खींच रहा था। तभी अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह रोलर की चपेट में आ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। भारी रोलर के नीचे दबने से आरव गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। एक होनहार खिलाड़ी की असमय मौत ने उसके परिवार, साथियों और स्थानीय खेल समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना के बाद शुरू हुई पुलिस जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार जिस समय बच्चे भारी रोलर खींच रहे थे, उस दौरान वहां कोई जिम्मेदार वयस्क पर्यवेक्षक मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सावधानियां और सुरक्षा प्रोटोकॉल भी अपनाए नहीं गए थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी कम उम्र के बच्चों से भारी उपकरण खिंचवाना अपने आप में गंभीर लापरवाही का मामला है। खेल प्रशिक्षण के नाम पर नाबालिग खिलाड़ियों को जोखिमपूर्ण कार्य सौंपना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बारशी शहर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत दो कोचों और संबंधित क्रिकेट एसोसिएशनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों को यह काम करने का निर्देश किसने दिया था और सुरक्षा नियमों की अनदेखी क्यों की गई।

इस दर्दनाक घटना ने खेल प्रशिक्षण शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मैदान पर बच्चों के सपनों को उड़ान मिलनी चाहिए थी, वहीं एक मासूम खिलाड़ी की जिंदगी की पारी हमेशा के लिए समाप्त हो गई। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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