
मुंबई | मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने स्कूलों में अध्ययनरत तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा करते हुए लगातार दो शैक्षणिक वर्षों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 118 करोड़ 66 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। संबंधित प्रस्ताव शुक्रवार को स्थायी समिति की मंजूरी के लिए रखा जाएगा और इसके स्वीकृत होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
बीएमसी के शिक्षा विभाग के अनुसार, महानगरपालिका की मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और उर्दू माध्यम की स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों की है। ऐसे में अभिभावकों पर बढ़ते शैक्षणिक खर्च का बोझ कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
महानगरपालिका हर वर्ष विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराती है। इस बार भी 27 प्रकार की आवश्यक वस्तुओं की खरीद की जा रही है, जिनमें पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, स्कूल बैग, छाता, रेनकोट, जूते, पानी की बोतल, पेंसिल और अन्य उपयोगी सामग्री शामिल हैं। विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों को नियमित स्कूल यूनिफॉर्म के साथ खेलकूद गतिविधियों के लिए स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म भी प्रदान की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की आयु और आकार के अनुसार यूनिफॉर्म तैयार कर वितरित की जाएगी। प्रत्येक विद्यार्थी को हर वर्ष एक नियमित स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म दो वर्ष में एक बार दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य जून महीने के अंत तक सभी स्कूलों में यूनिफॉर्म पहुंचाने का है।
इस बार पहली बार शैक्षणिक सामग्री की खरीद के लिए केंद्र सरकार के जेम (GeM) पोर्टल का उपयोग किया गया है। इसके कारण पहले महाटेंडर पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई निविदा प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
वहीं, पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त नोटबुक वितरण की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। सामान्य कॉपियों के अलावा चित्रकला और निबंध लेखन के लिए विशेष नोटबुक भी उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के पहले सप्ताह में ही विद्यार्थियों के बीच इनका वितरण शुरू करने की योजना बनाई है।
महानगरपालिका का मानना है कि इस पहल से न केवल विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि लाखों अभिभावकों को आर्थिक राहत भी प्राप्त होगी।