
सामना संवाददाता / ठाणे
दिवा के बेतवडे क्षेत्र में स्थित एक खदान सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे की गवाह बन गई। तैरने के लिए पानी में उतरे 20 वर्षीय युवक की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाया और देखते ही देखते वह पानी में समा गया। रातभर चले खोज अभियान के बाद मंगलवार को उसका शव बरामद किया गया। इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है।
मृतक की पहचान मोनू सोलंकी (20) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि बेतवडे इलाके में रेलवे ट्रैक के समीप स्थित खदान में वह अपने साथियों के साथ पहुंचा था। शाम के समय वह तैरने के लिए पानी में उतरा, लेकिन कुछ ही देर में गहरे पानी में फंस गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह आंखों से ओझल हो चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही मुंब्रा पुलिस, दिवा पुलिस चौकी के कर्मचारी, अग्निशमन दल और आपदा प्रतिक्रिया दल की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने देर शाम तक युवक की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा होने के कारण खोज कार्य को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
मंगलवार सुबह एक बार फिर खोज अभियान शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद बचाव दल को खदान के भीतर मोनू सोलंकी का शव मिला। शव को बाहर निकालकर डायघर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इसके बाद शव को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेतवडे क्षेत्र की यह खदान पहले भी हादसों के कारण चर्चा में रही है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से लोग अब भी जान जोखिम में डालकर यहां तैरने पहुंचते हैं। नागरिकों ने प्रशासन से खदान के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों की आवाजाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल डायघर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित जलाशयों में नहाने तथा तैराकी करने के खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।