Home ताजा खबरपारुल गुलाटी का कान्स फेस्टिवल में डेब्यू: जब अभिनय और उद्यमिता ने थामा एक साथ रेड कार्पेट का हाथ

पारुल गुलाटी का कान्स फेस्टिवल में डेब्यू: जब अभिनय और उद्यमिता ने थामा एक साथ रेड कार्पेट का हाथ

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कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 भारत के लिए एक खास मौका लेकर आया है। इस बार रेड कार्पेट पर कदम रखेंगी अभिनेत्री और उद्यमी पारुल गुलाटी, जो न सिर्फ अपने अभिनय से बल्कि अपने बिज़नेस विज़न से भी देश और दुनिया में पहचान बना चुकी हैं। यह पारुल का कान्स में पहला डेब्यू होगा, लेकिन उनके अब तक के सफर को देखें तो यह पूरी तरह से एक ‘योग्य क्षण’ की तरह लगता है।

एक चेहरा, दो पहचान: अभिनेत्री और उद्यमी

पारुल गुलाटी ने मनोरंजन की दुनिया में दमदार भूमिकाओं से अपने अभिनय कौशल का लोहा मनवाया है। वे मेड इन हेवन जैसी चर्चित वेब सीरीज़ का हिस्सा रह चुकी हैं और दोनाली नामक आगामी शो में बरुण सोबती, चंकी पांडे और दिव्येंदु शर्मा के साथ नज़र आने वाली हैं। इसके अलावा, एक नई कॉमेडी फ्रैंचाइज़ी में भी उनका रोल चर्चा का विषय है।

परदे से बाहर पारुल ने एक सफल महिला उद्यमी के रूप में भी खुद को स्थापित किया है। उनकी हेयर एक्स्टेंशन ब्रांड ने सौंदर्य और आत्म-स्वीकृति के बीच एक नया संवाद शुरू किया है, जिससे हज़ारों महिलाएं न केवल बेहतर दिखने बल्कि बेहतर महसूस करने के लिए प्रेरित हुई हैं।

कान्स: सपना जो अब हकीकत बन चुका है

कई साल पहले जब पारुल फ्रांस में मेड इन हेवन की शूटिंग कर रही थीं, तब उन्होंने एक टूरिस्ट की तरह कान्स के फेस्टिवल पैलेस को देखा था। आज, वही सीढ़ियाँ उनके लिए रेड कार्पेट पर चलने का मंच बन गई हैं।

पारुल कहती हैं, “कान्स के रेड कार्पेट पर चलना मेरे लिए सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि हर उस सपने देखने वाले के लिए एक जश्न है, जो सीमाओं को पार करना चाहता है।”

एक नई भारतीय महिला की पहचान

पारुल की उपस्थिति आज की आत्मनिर्भर और निडर भारतीय महिला का प्रतीक है। वह उन लाखों लड़कियों की आवाज़ हैं जो अभिनय, उद्यमिता, या किसी भी क्षेत्र में अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं, बिना किसी रूढ़िवादिता के बंधनों में बंधे।

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2025 के रेड कार्पेट पर जब पारुल गुलाटी कदम रखेंगी, तो वह न सिर्फ एक अभिनेत्री और बिज़नेसवुमन के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में उभरेंगी — जो साबित करती हैं कि जुनून की कोई सीमा नहीं होती, चाहे वो कैमरे के सामने हो या कॉर्पोरेट बोर्डरूम में।

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