जयपुर/कोटा। राजस्थान में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार (8 सितंबर) को छापेमारी का छठा दिन था और अब तक की कार्रवाई में करोड़ों की बेहिसाब संपत्ति और अवैध कारोबार के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। विभाग की टीमें जयपुर, कोटा समेत विभिन्न जिलों में करीब 100 ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
करोड़ों की नकदी और ज्वेलरी जब्त
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अब तक 9.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 10.5 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा, 12.50 करोड़ रुपये के लेन-देन का भी बड़ा खुलासा हुआ है। इन सबूतों से स्पष्ट है कि बड़े पैमाने पर कर चोरी और अवैध कारोबार का संचालन किया जा रहा था।
GPS से मिला छुपा हुआ गोदाम
पान मसाला कारोबारी समूह के यहां से आयकर विभाग को एक अवैध गोदाम का पता चला, जहां कई सौ करोड़ रुपये का माल बरामद किया गया। इस गोदाम तक पहुंचने के लिए टीम ने GPS तकनीक का इस्तेमाल किया। गोदाम में रखे सामान को जब्त करने के लिए सीजीएसटी विभाग को भी मौके पर बुलाया गया और संयुक्त कार्रवाई की गई।
मेटल डिटेक्टर से मिली फर्श के नीचे बनी तिजोरी
छापेमारी के दौरान आयकर टीम ने एक ऐसी तिजोरी भी खोजी जो फर्श के नीचे बनाई गई थी। मेटल डिटेक्टर की मदद से इसका पता चला। तिजोरी खोलने के बाद अधिकारियों को वहां से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज और नकदी से जुड़े सबूत मिले।
100 से अधिक ठिकानों पर जारी है छापेमारी
आयकर विभाग ने शुरुआत में ही जयपुर के 28 ठिकानों और कोटा के दो ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की थी। बाद में यह दायरा बढ़ाकर राज्यभर में 100 से अधिक ठिकानों तक पहुंच गया। इस छापेमारी में जिन कारोबारी समूहों के नाम सामने आए हैं, उनमें गोकुल कृपा ग्रुप, हाई फ्लाई रियल एस्टेट, VRB ग्रुप, भूमिका डेवलपर्स, रियासत ग्रुप और किसान ग्रुप शामिल हैं।
10 करोड़ रुपये का गुटखा बरामद
रेड के पांचवें दिन (7 सितंबर) को कोटा के एक पान मसाला कारोबारी के यहां से 10 करोड़ रुपये मूल्य का गुटखा जब्त किया गया। यह गुटखा भांकरोटा स्थित एक गोदाम में रखा हुआ था। बरामद माल को सीजीएसटी विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है।
जांच अभी जारी
अधिकारियों का कहना है कि रेड अभी जारी है और आगे भी बड़ी बरामदगियों की संभावना है। शुरुआती जांच से संकेत मिल रहे हैं कि कई रियल एस्टेट और पान मसाला कारोबारी लंबे समय से बड़े पैमाने पर कर चोरी में लिप्त थे। जब्त की गई संपत्ति का आंकड़ा आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
