सिलचर (असम): असम की बराक घाटी में साहित्य के क्षेत्र में प्रतिष्ठित ठाकुर प्रसाद स्मृति साहित्य पुरस्कार से हिंदी लेखक और कवि योगेश दुबे को सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार बालार्क प्रकाशन, मालुगाम, सिलचर द्वारा प्रदान किया जाता है, जो क्षेत्र में साहित्यिक योगदान को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। पुरस्कार समारोह शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को आयोजित हुआ, जिसमें योगेश दुबे को मानपत्र और सम्मान प्रदान किया गया।
पुरस्कार की प्रशंसा में जारी बयान में कहा गया कि योगेश दुबे की लेखनी समाज में व्याप्त विषमताओं, अन्याय और अत्याचारों के खिलाफ सृजनशीलता को बढ़ावा देती है। उनकी रचनाएं जन-जागरण, शांति, मैत्री और सोहार्द को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बालार्क प्रकाशन ने उन्हें साहित्यिक उत्थान और सामाजिक चिंतन के लिए यह सम्मान दिया, जो उनके निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।
समारोह की तस्वीरों से स्पष्ट है कि वरिष्ठ लेखक, अनुवादक और बालार्क प्रकाशन के संस्थापक श्री अशोक वर्मा ने स्वयं योगेश दुबे को पुरस्कार सौंपा। अशोक वर्मा असम की बराक घाटी में साहित्य को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। वे प्रतिवर्ष दर्जनों पुस्तकों का प्रकाशन करते हैं, हिंदी कवियों और लेखकों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करते हैं। इसके अलावा, वे बांग्ला भाषा सहित अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की महत्वपूर्ण रचनाओं का हिंदी अनुवाद भी करते हैं, जिससे साहित्य की पहुंच व्यापक होती है। उनकी स्वयं की कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
योगेश दुबे ने इस अवसर पर श्री अशोक वर्मा का हार्दिक आभार व्यक्त किया और ईश्वर से उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उनके लेखन कार्य को और मजबूती प्रदान करेगा। बराक घाटी में यह पुरस्कार साहित्यकारों के बीच विशेष सम्मान का प्रतीक माना जाता है, और इससे क्षेत्रीय साहित्य को नई ऊर्जा मिलती है।
यह समारोह सिलचर के साहित्यिक संगठन में आयोजित हुआ, जहां कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। योगेश दुबे के इस सम्मान से हिंदी साहित्य जगत में हर्ष की लहर है।
