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भारत ने एशिया कप 2025 में पाकिस्तान के खिलाफ 7 विकेट से शानदार जीत हासिल की, लेकिन इस मैच के बाद एक विवाद उठ खड़ा हुआ है। पहलगाम टेरर हमले में शहीद हुए संतोष जगदाले की पत्नी, प्रगति जगदाले ने इस जीत के संदर्भ में अपनी भावनाओं को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ यह मैच ही नहीं खेलना चाहिए था। उनका मानना है कि अगर भारत यह मुकाबला नहीं खेलता, तो उन्हें ज्यादा गर्व महसूस होता और उनका दिल शांत होता।
मैच जीतने से ज्यादा अहम है भारत का आत्मसम्मान
प्रगति जगदाले का कहना है कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ खेलकर अपने आत्मसम्मान को आहत नहीं करना चाहिए था। वह कहती हैं, “अगर भारत यह मैच नहीं खेलता, तो हमें ज्यादा गर्व महसूस होता। हमें पता है कि पाकिस्तान हमारा दुश्मन है, और वहां के आतंकवादी हमलों ने हमारी जानें ली हैं।” इस तरह की प्रतिक्रिया से यह साफ होता है कि कई भारतीय नागरिकों के लिए पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलना एक संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय टीम के लिए यह जीत सिर्फ क्रिकेट से कहीं अधिक है, क्योंकि यह उनके लिए आत्मसम्मान और भावनाओं से जुड़ा हुआ मुद्दा बन गया है। प्रगति ने कहा, “टीम इंडिया ने इस मैच को पहलगाम हमले के पीड़ितों को समर्पित किया, लेकिन अगर वे यह मैच हारते, तो हमें और भी ज्यादा दुख होता।”
भारतीय टीम की जीत और पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए इस एशिया कप 2025 के मैच में, पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 127/9 का स्कोर बनाया। पाकिस्तान के बल्लेबाज, विशेषकर साहिबजादा फरहान (40 रन) और शाहीन अफरीदी (33 रन), ही कुछ देर तक संघर्ष करते नजर आए। लेकिन कुलदीप यादव ने 3 विकेट लेकर पाकिस्तान के बल्लेबाजों को झकझोर दिया। इसके अलावा, जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने भी 2-2 विकेट झटके, जिससे पाकिस्तान के लिए कोई भी साझेदारी बनाना मुश्किल हो गया। भारत के गेंदबाजों ने पाकिस्तान को कड़ी टक्कर दी, और उनके सभी प्रमुख बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। 127 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की टीम ने महज 15.5 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल कर लिया, जो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत और गर्व का क्षण था। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर 47 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने भी 31 रन बनाए।
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते: क्रिकेट के मैदान पर तनाव
भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से ही राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से बहुत संवेदनशील रहे हैं। दोनों देशों के बीच कई बार क्रिकेट खेला गया है, लेकिन हर मैच के साथ ही तनाव बढ़ जाता है, खासकर जब पाकिस्तान से आतंकवादी हमले की खबरें आती हैं। प्रगति जगदाले का यह बयान इस बात का संकेत है कि भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ खेलना अब सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि एक संवेदनशील मुद्दा बन चुका है।
मैच के बाद की भावना: भारतीय टीम का दवाब
भारतीय टीम के लिए यह मैच किसी भी लिहाज से आसान नहीं था। मैच जीतने के बावजूद, खिलाड़ियों को यह समझना पड़ा कि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेला है, और इसके बाद सार्वजनिक रूप से अपनी भावनाओं का इज़हार करना पड़ा। हालांकि कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच की जीत को पहलगाम हमले के पीड़ितों को समर्पित किया, लेकिन यह जीत फिर भी कई भारतीय नागरिकों के लिए सवालों के घेरे में रही।
