देश के पहले और सबसे बड़े मेकअप ब्रांड ‘द हाउस ऑफ़ लैक्मे’ ने सैयारा फेम अनीत पड्डा को अपना नया चेहरा घोषित किया है। इस साझेदारी के साथ ब्रांड ने एक नए अध्याय की शुरुआत की है, जो खास तौर पर जनरेशन जेड से संवाद स्थापित करता है। यह वही पीढ़ी है जो अब सौंदर्य को परफेक्शन से अधिक आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम मानती है और प्राकृतिक आभा तथा रचनात्मक प्रयोगों के जरिए अपनी पहचान बनाना चाहती है।
लैक्मे दशकों से भारतीय सौंदर्य प्रसाधन उद्योग में अग्रणी रहा है और इसने न केवल आइकॉनिक चेहरे पेश किए हैं, बल्कि उन्हें गढ़ा भी है। अब अनीत पड्डा के साथ ब्रांड अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हुए युवाओं की नई सोच को मंच प्रदान कर रहा है। अनीत का ब्यूटी फ़लसफ़ा संतुलन पर आधारित है। उनके अनुसार मिनिमल मेकअप का अर्थ नो मेकअप नहीं, बल्कि सही मेकअप है। वे उस नए दृष्टिकोण की प्रतिनिधि हैं जहां ब्यूटी को नकाब की बजाय आत्म-अभिव्यक्ति का जरिया माना जाता है। उनकी शैली प्राकृतिक आभा, हल्के सुधार और हल्के-फुल्के प्रयोगों का मिश्रण है, जो वास्तविक और पहनने योग्य होने के साथ-साथ प्रयोगात्मक भी है।
लैक्मे की वाइस प्रेसिडेंट सुनंदा खैतान ने इस सहयोग पर कहा कि लैक्मे हमेशा से नए टैलेंट की पहचान करने और सौंदर्य पर होने वाली चर्चाओं को आकार देने में अग्रणी रहा है। अनीत के साथ ब्रांड उस बदलाव को स्वीकार कर रहा है जहां ब्यूटी हाई-कवरेज परफेक्शन से आगे बढ़कर सहज, आधुनिक और आत्म-अभिव्यक्ति पर केंद्रित हो रही है।
वहीं, अनीत पड्डा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके लिए मेकअप कभी छिपाने का साधन नहीं रहा बल्कि असली रूप को दिखाने का जरिया रहा है। उन्हें वह मेकअप पसंद है जो सहज हो और फिर भी एक अलग पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि लैक्मे का दर्शन भी इसी संतुलन को दर्शाता है और वे इस ब्रांड के साथ साझेदारी कर बेहद उत्साहित हैं। उनके अनुसार लैक्मे वह मंच है जो महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ प्रयोग और अभिव्यक्ति करने के लिए प्रेरित करता है।
