लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे आज़म अब जेल से आ सकते हैं बाहर
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और रामपुर से कई बार विधायक रह चुके मोहम्मद आज़म खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने क्वालिटी बार कब्जा मामले में उन्हें जमानत दे दी है। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
मामला क्या है?
यह पूरा विवाद रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। यहां हाईवे पर सईद नगर हरदोई पट्टी में स्थित क्वालिटी बार पर कब्जे का आरोप लगाया गया था। बार स्वामी गगन अरोड़ा की शिकायत पर 21 नवंबर 2019 को तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में आज़म खान के साथ उनकी पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान को भी नामजद किया गया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने आज़म खान को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की। इसके चलते उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई थी। रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट ने 17 मई 2025 को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट में बहस और फैसला
आजम खान की ओर से अधिवक्ता इमरान उल्ला और मोहम्मद खालिद ने बहस की। वहीं दूसरी ओर शासन की तरफ से विरोध दर्ज कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2025 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए राहत प्रदान की है।
राजनीतिक असर
आजम खान लंबे समय से विभिन्न मुकदमों का सामना कर रहे हैं और कई बार जेल की सलाखों के पीछे भी रह चुके हैं। हाईकोर्ट से मिली इस राहत को उनकी राजनीति के लिए एक सकारात्मक मोड़ माना जा रहा है। पार्टी के भीतर भी यह खबर सपा कार्यकर्ताओं में जोश भरने वाली है। अब देखना होगा कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खान किस तरह से अपनी राजनीतिक भूमिका निभाते हैं और क्या वह सक्रिय राजनीति में पहले की तरह दमदार वापसी कर पाते हैं या नहीं।
