मुंबई : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को महाराष्ट्र को एक साथ कई बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स की सौगात दी। दो दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचे प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) के पहले चरण का उद्घाटन किया, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया और बाद में वर्चुअल टूर भी किया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित स्पेशल बच्चों से मुलाकात की, उनसे बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। प्रधानमंत्री की इस पहल ने समारोह में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत अडानी समूह द्वारा किया गया है। एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है। यह परियोजना भारत के बढ़ते हवाई यातायात और आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। एनएमआईए के संचालन शुरू होने से मुंबई महानगर क्षेत्र को एक बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। अब यह नया हवाई अड्डा सीएसएमआईए के साथ मिलकर काम करेगा और मुंबई को दुनिया के उन चुनिंदा शहरों की श्रेणी में शामिल करेगा जहां मल्टी-एयरपोर्ट सिस्टम विकसित है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट का यह पहला चरण दिसंबर 2025 तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए शुरू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह हवाई अड्डा देश का सबसे उन्नत और ‘ग्रीन’ एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यह परियोजना न केवल मुंबई बल्कि पूरे पश्चिमी भारत के लिए आर्थिक गतिविधियों का नया केंद्र बनेगी। इसके निर्माण से हजारों लोगों को रोजगार मिला है और आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से और अधिक सक्रिय हो जाएगा।
एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की हवाई यात्रा अब केवल अमीरों की सुविधा नहीं रही, बल्कि यह आम नागरिक के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बीते दशक में भारत में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हुई है और छोटे शहरों को भी वायुसेवा से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक और मजबूत कदम है, जिससे देश के लॉजिस्टिक नेटवर्क, पर्यटन और रोजगार सृजन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।
प्रधानमंत्री ने नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के बाद मुंबई मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) के अंतिम चरण का उद्घाटन भी किया। यह लाइन आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक फैली है और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यात्रियों को सहज परिवहन सुविधा प्रदान करेगी। इस मेट्रो परियोजना का दूसरा चरण (2बी) लगभग 12,200 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है। पीएम मोदी ने 37,270 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली पूरी मेट्रो लाइन-3 को राष्ट्र को समर्पित किया, जिसे मुंबई के शहरी परिवहन परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर बताया जा रहा है।
मेट्रो लाइन-3 के शुरू होने से मुंबईवासियों को सड़क जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन शहर के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों को जोड़ते हुए यात्रियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुंबई की मेट्रो व्यवस्था देश की आर्थिक राजधानी को नई रफ्तार देगी और पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगी क्योंकि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘मुंबई वन ऐप’ की भी शुरुआत की, जो यात्रियों को एकीकृत टिकटिंग सुविधा प्रदान करेगा। यह ऐप मुंबई के सभी सार्वजनिक परिवहन साधनों — मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन आदि — को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ देगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग टिकट या पास खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि एक ही ऐप के माध्यम से वे सभी परिवहन साधनों का उपयोग कर सकेंगे। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की एक नई पहल ‘अल्पकालिक रोजगार योग्यता कार्यक्रम (एसटीईपी)’ का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। इस योजना को 400 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और 150 सरकारी तकनीकी उच्च विद्यालयों में शुरू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप कार्यबल तैयार करने में मदद करेगी।
एसटीईपी कार्यक्रम के तहत युवाओं को तकनीकी और डिजिटल कौशल सिखाए जाएंगे, जिससे वे आधुनिक उद्योगों में रोजगार पा सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं में असीम क्षमता है, और सरकार का प्रयास है कि हर युवा को उसके कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि “स्किल इंडिया” अभियान और “मेक इन इंडिया” जैसी योजनाओं ने मिलकर देश के उद्योग और रोजगार क्षेत्र में नया आत्मविश्वास जगाया है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार सहित कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री शिंदे ने इस अवसर पर कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट मुंबई की पहचान को नई ऊंचाई देगा और यह महाराष्ट्र के विकास का नया प्रतीक बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल राज्य की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिली है बल्कि रोजगार, उद्योग और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की नींव पड़ी है। मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी आने की उम्मीद है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
समारोह के अंत में प्रधानमंत्री ने स्पेशल बच्चों से फिर से मुलाकात की और उनके साथ कुछ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में पूछा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पीएम मोदी की इस सहजता और आत्मीयता ने कार्यक्रम का माहौल और भी भावुक बना दिया।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन केवल एक अधोसंरचना परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर और आधुनिक भविष्य की ओर उठाया गया एक बड़ा कदम है। यह हवाई अड्डा आने वाले वर्षों में मुंबई को वैश्विक विमानन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का भी प्रतीक बनेगा।
