देहरादून। प्रकाश और खुशियों के पर्व दीपावली की रात उत्तराखंड के कई शहरों में आगजनी की घटनाओं ने दहशत फैला दी। देहरादून, नैनीताल और कोटद्वार में अलग-अलग स्थानों पर लगी भीषण आग से कई दुकानें और एक होटल जलकर खाक हो गए। दीपों के इस पर्व पर धुएं और आग की लपटों ने लोगों की नींद उड़ा दी।
देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र के निरंजनपुर सब्जी मंडी में गेट नंबर-1 के पास स्थित एक दुकान की छत पर रखी अंडों की खाली क्रेट में आतिशबाजी का एक रॉकेट गिर गया, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। दो दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कोतवाली प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। वहीं नगर अग्निशमन अधिकारी किशोर उपाध्याय के अनुसार, दीपावली की रात देहरादून शहर में कुल 12 जगहों पर आगजनी की घटनाएं दर्ज की गईं, जिन पर दमकल टीमों ने तत्काल कार्रवाई की।
इधर नैनीताल में भी ओल्ड लंदन हाउस भवन में एक बार फिर आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि तीन दुकानें जलकर राख हो गईं। दमकल विभाग ने लंबी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। उल्लेखनीय है कि इसी भवन में 27 अगस्त 2025 को भी आग लगी थी, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी।
वहीं पौड़ी जिले के कोटद्वार स्थित बावर्ची होटल में दीपावली की रात भयंकर आग लगने से अफरातफरी मच गई। होटल पूरी तरह से आग की चपेट में आ गया। दमकल की टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का कारण माना जा रहा है।
दीपावली की इस भयावह रात ने यह याद दिला दिया कि जरा-सी लापरवाही खुशी के पर्व को हादसे में बदल सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करें।
