काळाचौकी में प्रेम त्रासदी: प्रेमिका पर चाकू से हमला कर युवक ने खुद की जान ली
मुंबई। महानगर की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच शुक्रवार को लालबाग के काळाचौकी इलाके में एक दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। प्रेम में पागलपन की हद पार करते हुए एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर बेरहमी से चाकू से हमला किया और फिर उसी चाकू से अपना गला काटकर आत्महत्या कर ली। यह घटना 24 अक्टूबर की सुबह लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच दत्ताराम लाड मार्ग स्थित दिग्विजय मिल के पास घटी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस वारदात ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र पुलिस से घिर गया।
जानकारी के अनुसार मृतक युवक का नाम सोनू बरई (24) है, जो काळाचौकी के आंबेवाडी इलाके में रहता था। हमले में गंभीर रूप से घायल युवती की पहचान मनीषा यादव (24) के रूप में हुई है, जो उसी क्षेत्र की निवासी है। दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध थे, किंतु कुछ महीने पहले उनका रिश्ता टूट गया था। बताया जाता है कि इस ब्रेकअप के बाद सोनू गहरे तनाव में था और उसे शक था कि मनीषा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने-जुलने लगी है। इसी शक और आक्रोश ने शुक्रवार को एक निर्दोष जान पर हमला करने और खुद की जिंदगी खत्म करने की इस भयावह घटना को जन्म दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात वाले दिन सुबह सोनू ने मनीषा को मिलने के लिए दत्ताराम लाड मार्ग पर बुलाया था। दोनों के बीच कुछ देर तक बातचीत चली, जो देखते-देखते झगड़े में बदल गई। गुस्से में आपा खो बैठे सोनू ने अपनी जेब से एक धारदार चाकू निकाला और सड़क पर ही मनीषा पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस हमले से मनीषा लहूलुहान हो गई और जान बचाने के लिए पास के “आस्था मैटरनिटी एंड सर्जिकल नर्सिंग होम” की ओर भागी।
लेकिन, प्रतिशोध की आग में जल रहे सोनू ने यहीं रुकने के बजाय उसका पीछा करते हुए नर्सिंग होम के भीतर प्रवेश कर लिया। वहां उसने मनीषा को पकड़कर फिर से उस पर कई बार चाकू से वार किए। नर्सिंग होम में यह भयावह दृश्य देखकर स्टाफ और मरीजों में हड़कंप मच गया। कुछ कर्मचारियों ने शोर मचाते हुए सोनू को रोकने की कोशिश की और बाहर खड़े लोगों को भी मदद के लिए बुलाया। जब भीड़ ने हस्तक्षेप किया और सोनू को पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने खुद को बचाने के लिए वही चाकू अपनी गर्दन पर फेर लिया। गंभीर रूप से घायल सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीषा खून से लथपथ हालत में बेहोश हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पास से गुजर रहे यातायात पुलिसकर्मी किरण सूर्यवंशी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया। कुछ ही देर में काळाचौकी पुलिस और पुलिस उपायुक्त (जोन 4) आर. रागसुधा अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का पंचनामा किया और प्रत्यक्षदर्शियों से बयान लिए। सोनू बरई को केईएम अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि मनीषा यादव को वहीं के आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।
काळाचौकी पुलिस ने इस प्रकरण में हत्या और आत्महत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच से यह मामला प्रेम संबंधों में दरार और व्यक्तिगत प्रतिशोध का प्रतीत होता है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं, जिससे घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोनू और मनीषा को अक्सर एक साथ देखा जाता था और दोनों के बीच बीते दिनों झगड़ा हुआ था। लोगों के अनुसार सोनू ने हाल के दिनों में कई बार मनीषा से सुलह करने की कोशिश की थी, लेकिन युवती ने इनकार कर दिया था। इस इनकार को वह बर्दाश्त नहीं कर सका और आखिरकार इस खौफनाक कदम पर उतर आया।
यह घटना न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि प्रेम और अस्वीकार की स्थितियों में मानसिक असंतुलन किस तरह हिंसा में बदल सकता है। शहर में महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर ऐसे मामलों ने एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात से पहले सोनू ने किसी को कोई संदेश भेजा था या सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किया था। अधिकारियों का कहना है कि नर्सिंग होम के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए ली गई है, ताकि पूरी घटनाक्रम की पुष्टि हो सके।
मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में दिनदहाड़े हुई इस खौफनाक वारदात ने कानून-व्यवस्था और समाज की मानसिकता, दोनों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। काळाचौकी पुलिस का कहना है कि इस मामले में विस्तृत जांच जारी है और फिलहाल प्राथमिकता घायल युवती के इलाज और उसकी सुरक्षा को दी जा रही है।
