मुंबई। महाराष्ट्र में लंबे समय से प्रतीक्षित नगर निगम चुनावों की तारीखों का आखिरकार ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में आज, 15 दिसंबर से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इन सभी स्थानीय निकायों के चुनाव 15 जनवरी 2026 को कराए जाएंगे, जबकि मतगणना और नतीजों की घोषणा 16 जनवरी को की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी लोकल बॉडी चुनाव 31 जनवरी से पहले संपन्न कराने की योजना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, इन चुनावों के लिए कुल 10 हजार 111 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मतदाता सूची के लिए 1 जुलाई 2025 की मतदाता सूची का उपयोग किया जाएगा। इससे पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग ने कहा कि निर्धारित तिथि के अनुसार ही सूची को अंतिम रूप दिया गया है।
सबसे ज्यादा चर्चा मुंबई महानगरपालिका (bmc) चुनाव को लेकर है, जिसे राज्य की राजनीति का सेमीफाइनल माना जाता है। bmc देश की सबसे समृद्ध नगर निगम है और इसका राजनीतिक नियंत्रण हमेशा से सत्ता समीकरणों को प्रभावित करता रहा है। तारीखों के ऐलान के साथ ही मुंबई की सियासत में हलचल तेज हो गई है।
bmc चुनाव के कार्यक्रम के मुताबिक, उम्मीदवार 23 दिसंबर से 30 दिसंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की छानबीन के बाद उम्मीदवार 2 जनवरी 2026 तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे। चुनाव चिन्हों का आवंटन 3 जनवरी 2026 तक कर दिया जाएगा। इसके बाद राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को प्रचार के लिए करीब 12 दिनों का समय मिलेगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जाएंगे और आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
चुनाव की घोषणा के साथ ही महाराष्ट्र की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गई हैं। सत्तारूढ़ महायुति के साथ-साथ विपक्षी दल भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। टिकट बंटवारे, गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर बैठकों का दौर तेज हो गया है। खासकर bmc को लेकर शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निगम चुनावों के नतीजे न केवल स्थानीय राजनीति की दिशा तय करेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए भी संकेतक साबित होंगे। ऐसे में 15 जनवरी को होने वाला मतदान और 16 जनवरी को आने वाले नतीजे महाराष्ट्र की राजनीति में नई तस्वीर पेश कर सकते हैं।
