वाराणसी। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुबह ए बनारस के अंतर्गत कला निधि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम चरण में शास्त्रार्थ, यज्ञ ,हवन के द्वारा संपन्न किया गया। शास्त्रार्थ का विषय वैदिक शिक्षा एवं संस्कार जिसका संयोजन विदुषी संजीवनी पांडे ने किया।
भाग लेने वाले प्रतिभागी स्वसित, वेदिका, शालिनी, सौम्या, अनुष्का ,देविका, हव्या, हिमांशी, नारायणी ने शास्त्रार्थ में षोडश् संस्कारों के माध्यम से व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास पर प्रकाश डालते हुए चरित्र निर्माण एवं सामाजिक कर्तव्य से बोध कराया।
द्वितीय चरण में बुद्ध पूर्णिमा के उपलक्ष्य में दक्षिण भारत के तमिल राज्य की प्रसिद्ध नृत्य विधा भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति का शुभारंभ गणेश वंदना तत्पश्चात जयदेव कृति दशावतार को प्रदर्शित करते हुए अहिंसा और ज्ञान मार्ग का संदेश दिया।
अंतिम प्रस्तुति बुद्धम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि से किया गया। नृत्य प्रस्तुति में भाग लेने वाले कलाकार जिसमें गौरी कला मंडपम की उपाध्यक्ष डॉ दिव्या श्रीवास्तव, अमित सिंह, सत्यम चौरसिया, दीपाली अग्रहरि, ईशा गुप्ता, ज्योति कुमारी, कृतिका सिंह ने अद्भुत मनोरम एवं भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों के हृदय में आनंद का संचार किया।
समस्त कलाकारों को प्रमाण पत्र एवं आशीर्वचन डॉ रत्नेश वर्मा ने प्रदान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा केसरी ने किया। इस अवसर पर श्याम कुमार केसरी, डॉ प्रेम नारायण सिंह एवं नीतू सिंह सहित भारी संख्या में दर्शक गण उपस्थित रहे।
