गणेश भक्ति में लीन हुए आर्मी कमांडर, पुणे में किया भाऊ रंगारी गणपति का दर्शन, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने उतारी आरती

गणेशोत्सव के उल्लास के बीच पुणे के ऐतिहासिक श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल में एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आरती उतारी और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच शुभकामनाओं का संदेश दिया।

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि लगातार दूसरे वर्ष उन्हें पुणे में गणेशोत्सव के दौरान दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “पिछले वर्ष भी मैं पुनीत बालन जी के साथ यहां आया था और गणपति बप्पा से आशीर्वाद लिया था। इस बार फिर से यह अवसर मिला है, जिसके लिए मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं। मैं भगवान गणेश से प्रार्थना करता हूं कि वे सबकी रक्षा करें, सबको सुख-समृद्धि दें और हर कोई अपने-अपने क्षेत्र में प्रगति करे।”

स्थानीय नागरिकों ने लेफ्टिनेंट जनरल सेठ की उपस्थिति को गर्व का क्षण बताया। उनका कहना था कि सेना और समाज के बीच इस तरह के जुड़ाव से आपसी भरोसा और गहरा होता है। गणेशोत्सव जैसे पर्व न केवल आस्था बल्कि समाज और नेतृत्व को जोड़ने का काम करते हैं।

सेना के शीर्ष अधिकारी का यह संदेश इस बात की मिसाल बना कि राष्ट्र की रक्षा करने वाली सेना और समाज की आस्था के बीच एक गहरा संबंध है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामूहिक कल्याण और सकारात्मक सोच का प्रतीक भी है।

1892 में स्थापित श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल पुणे का पहला सार्वजनिक गणपति मंडल माना जाता है। इसे लोकमान्य तिलक और भाऊ रंगारी के प्रयासों से शुरू हुए सार्वजनिक गणेशोत्सव आंदोलन की प्रेरणा का आधार माना जाता है। आज भी यह मंडल पुणे की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का प्रतीक है।

यह दौरा इस बात का संदेश बन गया कि आस्था और नेतृत्व साथ मिलकर समाज को खुशहाली और प्रगति की राह पर आगे बढ़ाने की प्रेरणा दे सकते हैं।

Related posts

दोस्ती बनी दुश्मनी का कारण, 15 वर्षीय किशोर ने 17 साल के साथी की ली जान

उद्धव ठाकरे को लोकसभा में बड़ा झटका! छह सांसदों ने बनाया अलग गुट, शिंदे सेना में विलय की अटकलों से सियासत गरम

BEST कर्मचारियों की आर-पार की लड़ाई, आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान