पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी के बाद राज्य में राजनीति और भी तेज हो गई है। इस विवादित टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया। पूरे राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किए, जगह-जगह पुतले फूंके और विपक्षी दलों कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को आड़े हाथों लिया।
पीएम मोदी की मां पर टिप्पणी से भड़की राजनीति
दरअसल, कांग्रेस के मंच से दिए गए एक भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां के संदर्भ में की गई टिप्पणी ने विवाद का रूप ले लिया। भाजपा ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक करार देते हुए कांग्रेस और राजद दोनों पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह की भाषा से बिहार की जनता आहत है और इसका जवाब चुनाव में जरूर मिलेगा।
ये भी पढ़ें… जीएसटी परिषद का बड़ा फैसला: अब इन 10 चीज़ों पर नहीं लगेगा टैक्स
‘बिहार बंद’ के दौरान भाजपा का प्रदर्शन
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर सोमवार को राज्यव्यापी ‘बिहार बंद’ का आयोजन किया। बंद के दौरान पटना समेत कई जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। जगह-जगह यातायात रोककर नारेबाजी की गई और कांग्रेस नेता राहुल गांधी तथा राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके गए। भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्षी दल जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।
लालू यादव का पलटवार
भाजपा के इस आक्रामक रुख और तेजस्वी यादव पर हो रहे हमलों से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट कर भाजपा पर सीधा हमला बोला। अपने पोस्ट में लालू यादव ने लिखा, “क्या प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपाइयों को आदेश दिया है कि आज पूरे बिहार और बिहारियों की माताओं-बहनों और बेटियों को गाली दो?”
लालू यादव ने यह भी कहा कि बिहारियों को कोई हल्के में न ले। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता सब देख रही है और इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
भाजपा ने साधा तेजस्वी पर निशाना
भाजपा नेताओं का कहना है कि राजद नेता तेजस्वी यादव कांग्रेस नेताओं के साथ मंच साझा करते हैं और उन्होंने विवादित टिप्पणी पर कोई आपत्ति नहीं जताई। भाजपा ने इसे तेजस्वी यादव की मौन स्वीकृति करार दिया और उन पर राजनीतिक आरोप लगाए। भाजपा नेताओं ने जनता से अपील की कि इस तरह की राजनीति को सबक सिखाने का समय आ गया है।
चुनावी माहौल में बढ़ती सियासी गर्मी
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। कांग्रेस और राजद जहां अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए जनता को जोड़ने की कोशिश में हैं, वहीं भाजपा इस तरह की विवादित टिप्पणियों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे विवादित बयान चुनावी माहौल को और अधिक ध्रुवीकरण की ओर ले जा सकते हैं। इससे विभिन्न दल अपने-अपने मतदाता समूहों को साधने की कोशिश करेंगे।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद पर आम जनता की भी मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने कहा कि राजनीति में इस तरह की व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए, जबकि कुछ ने भाजपा के आक्रामक विरोध को उचित ठहराया। वहीं राजद समर्थकों का कहना है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाना चाहती है।
