गोंदिया। बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के कुल्पा गांव में बीती रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। सांप के डसने से एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनके पिता की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव सदमे में है। हर आंख नम है और घर-घर मातम पसरा हुआ है।
गांव के रहने वाले दिनेश डहारे अपने परिवार के साथ रोज की तरह बुधवार रात को खाना खाकर सोए थे। उनके साथ उनके दो छोटे बेटे कुणाल (7) और ईशांत (4) भी बिस्तर पर सोए हुए थे। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन आधी रात को अचानक स्थिति बदल गई। तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टियां होने लगीं। शुरुआत में परिवार ने सोचा कि शायद यह सामान्य बीमारी है। परिजन घबराकर तुरंत गांव के डॉक्टर को बुलाने पहुंचे। हालांकि डॉक्टर ने प्राथमिक इलाज किया, लेकिन तीनों की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
स्थिति गंभीर देखते हुए परिजनों ने उन्हें तुरंत गोंदिया अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। लेकिन रास्ते में ही मासूम ईशांत की सांसें थम गईं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। बड़े बेटे कुणाल को गोंदिया अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां भी डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि दोनों बच्चों की मौत सर्पदंश से हुई है। पिता दिनेश डहारे अभी भी गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
घर में पसरा मातम और बेसुध मां
दोनों बेटों की मौत के बाद परिवार की हालत बेहद दयनीय हो गई है। मां लगातार बेहोश हो रही हैं। बार-बार रो-रोकर उनकी हालत बिगड़ जाती है। गांव के लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन घर में पसरे सन्नाटे ने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं। मासूमों की लाशों को देखकर हर दिल दहल उठा।
सांप को ढूंढ़कर मारा गया
घटना के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर घर में घुसे सांप को खोजा और मार डाला। बताया जा रहा है कि यह कोबरा था, जिसने पिता और दोनों बेटों को डस लिया था। गांव के लोगों का कहना है कि सांप अक्सर इस इलाके में दिखाई देते हैं, लेकिन इस तरह की दर्दनाक घटना ने सभी को अंदर तक हिला दिया।
नेताओं ने दिया मदद का भरोसा
जैसे ही घटना की जानकारी क्षेत्रीय प्रशासन और नेताओं को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे, जनपद सदस्य महेन्द्र पटले और मंडल अध्यक्ष योगेश कुर्राह ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही जिला प्रशासन को भी परिवार की आर्थिक मदद और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गांव में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद गांव के लोगों में दहशत फैल गई है। छोटे बच्चों के माता-पिता खासतौर पर डरे हुए हैं और वे अपने बच्चों को घर में सोने से पहले बार-बार जांच कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गांव में सांप पकड़ने वाली टीम भेजी जाए और ऐसे हादसों को रोकने के लिए कदम उठाए जाएं। स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि बरसात के दिनों में सांपों का घरों में घुसना आम बात है। इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहना चाहिए। सोने से पहले घर की जांच करना, बिस्तरों को ऊंचा रखना और आसपास की झाड़ियों को साफ करना बेहद जरूरी है। साथ ही यदि किसी को सर्पदंश हो जाए तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए, क्योंकि देर होने पर जान बचाना मुश्किल हो जाता है। गांव में गुरुवार को दोनों मासूमों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरे गांव की आंखें नम थीं। अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने नम आंखों से दोनों मासूमों को विदाई दी। परिवार की यह त्रासदी गांव के हर व्यक्ति को झकझोर गई है।
