जयपुर। राजधानी जयपुर के वाटिका रिंग रोड पर रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की जान चली गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। हादसे ने पूरे इलाके को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया है। पुलिस ने बताया कि यह सभी लोग हरिद्वार से अस्थि विसर्जन कर अपने घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भीषण था कि कार के पलटते ही वहां चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और गंभीर हालत में अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने सातों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान रामराज वैष्णव, उनकी पत्नी मधु, बेटा रूद्र, रिश्तेदार कालूराम, उसकी पत्नी सीमा, बेटा रोहित और गजराज के रूप में हुई है। यह सभी फुलियावास केकड़ी और जयपुर के वाटिका क्षेत्र के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ महात्मा गांधी अस्पताल पहुंच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, कार तेज रफ्तार में थी और अचानक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया। नियंत्रण खोने के बाद कार कई बार पलटी खा गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से वाहन को सड़क से हटवाया और रिंग रोड पर यातायात को सुचारु कराया।
थाना पुलिस ने बताया कि सभी शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल प्राथमिक जांच में तेज रफ्तार और ड्राइवर का नियंत्रण खोना ही दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है।
ग्रामीणों और रिश्तेदारों के मुताबिक, परिवार अस्थि विसर्जन के बाद लौट रहा था और किसी ने सोचा भी नहीं था कि वापसी का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव में मातम का माहौल है और घर-घर से रुदन की आवाजें गूंज रही हैं।
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस रिंग रोड पर तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए यहां पर स्पीड ब्रेकर, बैरिकेडिंग और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की आवश्यकता है।
जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और सड़क पर सावधानी बरतें। अधिकारियों का कहना है कि अनियंत्रित गति सड़क हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रही है और इससे निर्दोष जिंदगियां समय से पहले खत्म हो रही हैं।
एक ही परिवार के सात लोगों की असमय मृत्यु से न केवल उनके घर-परिवार में बल्कि पूरे क्षेत्र में गहरा शोक है। रविवार का यह हादसा हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर गया कि सड़क पर जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।