हापुड़। यह मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आया है, जहां आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छात्राओं ने परिवार की डांट से नाराज होकर घर छोड़ दिया और अचानक लापता हो गईं। घटना हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के बुलंदशहर रोड की है। जानकारी के अनुसार, दोनों छात्राएं बुलंदशहर स्थित एक इंटर कॉलेज में पढ़ाई करती हैं और इंस्टाग्राम पर सक्रिय रहती थीं। वे अक्सर रील बनाकर अपलोड किया करती थीं। जब यह बात उनके परिजनों को पता चली तो उन्होंने बेटियों को समझाते हुए पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही और रील बनाने से मना कर दिया। परिवार की इस रोक-टोक से नाराज होकर छात्राओं ने बड़ा कदम उठाया और 11 सितंबर को स्कूल जाने का बहाना करके घर से निकल गईं। दोपहर तक जब वे वापस नहीं लौटीं तो घरवालों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी खोजबीन शुरू की। जब परिवार के सदस्य स्कूल पहुंचे तो वहां उन्हें जानकारी मिली कि दोनों उस दिन स्कूल आई ही नहीं थीं।
इस पर परिजनों की चिंता और बढ़ गई और उन्होंने हर जगह तलाश करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अंततः परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जदीद पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई और छात्राओं की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने छात्राओं की गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए सर्विलांस की मदद भी ली। इसी दौरान जांच में पुलिस को एक अहम सुराग मिला। पुलिस ने छात्राओं की इंस्टाग्राम आईडी खंगाली, जिसमें पता चला कि उन्होंने हाल ही में दिल्ली रेलवे स्टेशन से अपनी कुछ तस्वीरें अपलोड की थीं। इन तस्वीरों से यह स्पष्ट हो गया कि दोनों दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने बिना देर किए दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर दोनों छात्राओं को बरामद कर लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। छात्राओं के सुरक्षित मिलने पर उनके परिवारजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। मामले में थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि परिजनों की डांट से नाराज होकर दोनों छात्राएं घर से निकल गई थीं और सोशल मीडिया की वजह से उनका पता लगाना आसान हो सका।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया कि आज के समय में सोशल मीडिया बच्चों और किशोरों के जीवन में कितनी अहम भूमिका निभा रहा है और कई बार यह उनके लिए जटिल परिस्थितियां भी खड़ी कर देता है। हापुड़ की इस घटना से परिजनों में जहां एक ओर सतर्कता बढ़ी है वहीं यह संदेश भी गया है कि बच्चों के व्यवहार और ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान देना कितना जरूरी है। इस मामले के बाद परिजन अब और ज्यादा सजग हो गए हैं ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न पैदा हो। फिलहाल दोनों छात्राएं अपने घर सुरक्षित लौट आई हैं और परिजनों ने राहत की सांस ली है।
