प्रयागराज। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में बुधवार रात दहशत का माहौल बन गया, जब बाइक सवार चार बदमाशों ने एफसीआई रोड, चाका नैनी पर ताबड़तोड़ बमबाजी की। इस हिंसक वारदात में एक मासूम बच्ची समेत तीन राहगीर जख्मी हो गए। बमों के छर्रे लगने से स्थानीय दलित बस्ती के रहने वाले सनी, सत्यम और अज्ञात बच्ची घायल हुए। उनका इलाज परिजनों द्वारा नजदीकी क्लीनिक में कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही एसओजी यमुनापार, एसटीएफ और नैनी पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिनमें बाइक पर सवार चार युवकों की तस्वीरें स्पष्ट रूप से देखी गईं। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि दहशतगर्दों को जल्द ही पकड़कर सबक सिखाया जाएगा।
बमबाजी की शुरुआत अवैध जुए के अड्डे के सामने हुई। पहले बम के धमाके से एक युवक के पैर में छर्रे लगे, जिससे वह जख्मी हो गया। इसके बाद करीब डेढ़ सौ मीटर आगे नई बस्ती चाका के पास दो और बम फटे। इनमें से एक बम फटने से सड़क किनारे मौजूद एक अन्य युवक और बच्ची जख्मी हुए। इस दौरान शहर से अपने रिश्तेदार के पास जा रहे छात्र हर्ष मिश्रा, पुत्र धीरज कुमार मिश्रा, निवासी बड़ी कोठी, दारागंज की कार के शीशे बम विस्फोट में चकनाचूर हो गए। हालांकि छात्र बाल-बाल बच गया, लेकिन उसके चेहरे पर दहशत साफ देखी जा सकती थी।
हर्ष मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह रात में अपनी कार से मलाहरा रेलवे ओवरब्रिज होते हुए सरस्वती गेस्ट हाउस जा रहा था, तभी अचानक धमाका हुआ। उन्होंने किसी से दुश्मनी होने की बात से इनकार किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बम विस्फोट की वजह अवैध जुए के अड्डे पर बैठकी करने वाले बदमाशों के बीच आपसी विवाद हो सकता है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई करने का भरोसा दे रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने नैनी क्षेत्र के लोगों में खौफ और दहशत फैलाने का काम किया। सड़क पर बम फटने की आवाज सुनते ही लोग अपने घरों में दुबक गए। पुलिस ने घटना स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी और आसपास के क्षेत्रों में पैट्रोलिंग बढ़ा दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि घायल सभी लोग स्थानीय दलित बस्ती के निवासी हैं और उनसे पूछताछ जारी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बमबाजी केवल सड़क पर गुजर रहे लोगों को डराने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका मकसद स्थानीय अपराधियों और अवैध जुए से जुड़े विवाद को बढ़ावा देना भी था।
अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले पुलिसकर्मियों ने कहा कि यह घटना न केवल जन सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। पुलिस अब तक चार बदमाशों की पहचान कर चुकी है और इनके ठिकानों की भी जांच कर रही है।
इस दहशत से जुड़े एफसीआई रोड और चाका नैनी के आस-पास के नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में अधिक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा और अपराधियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
नैनी में हुई इस बमबाजी ने एक बार फिर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण की चुनौती को उजागर कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि जल्द ही दोषियों को पकड़कर इलाके में शांति बहाल की जाएगी।