मथुरा। उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर विवादों में घिर गई है। मथुरा जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक पूरन प्रकाश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे रेलवे इंजीनियर को खुलेआम धमकाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में विधायक की भाषा और रवैया साफ दिखाता है कि वे गुस्से में नियंत्रण खो बैठे। घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों और आम जनता ने कड़ी निंदा की है और विधायक पर कार्रवाई की मांग की है।
विवाद की जड़ – रेलवे फाटक बंद करने का मामला
पूरा विवाद मथुरा–कासगंज रेल रूट के विस्तार कार्य से जुड़ा है। रेलवे प्रशासन इस रूट पर छोटे-छोटे मार्गों की सुरक्षा को देखते हुए कई लेवल क्रॉसिंग बंद करने की कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में जब रेलवे इंजीनियर और उनकी टीम कटरा बाजार क्रॉसिंग को बंद करने पहुँची तो स्थानीय व्यापारियों ने विरोध कर दिया। व्यापारियों का कहना था कि क्रॉसिंग बंद होने से उनका कारोबार और आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होगी।
इस विरोध की सूचना पर बलदेव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक पूरन प्रकाश मौके पर पहुँच गए। यहाँ पहले से ही मौजूद रेलवे कर्मचारी क्रॉसिंग बंद करने की प्रक्रिया में लगे थे। स्थिति को देखकर विधायक गुस्से में आ गए और उन्होंने सीधे इंजीनियर पर भड़कते हुए धमकाना शुरू कर दिया।
<iframe width=”560″ height=”315″ src=”https://www.youtube.com/embed/RONz2KJeEOs?si=UeSaxxyV68vD5sY9″ title=”YouTube video player” frameborder=”0″ allow=”accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share” referrerpolicy=”strict-origin-when-cross-origin” allowfullscreen></iframe>
विधायक की धमकी – “दाढ़ी नोच लूंगा, पीछे हट…”
वीडियो में विधायक पूरन प्रकाश को रेलवे इंजीनियर से कहते सुना जा सकता है – “दाढ़ी नोच लूंगा, पीछे हट जाओ…”। इसके अलावा उन्होंने कर्मचारियों को घरेलू नौकर की तरह धमकाया और लगातार उन्हें भाषाई मर्यादाएं लांघते हुए अपशब्द कहे।
रेलवे कर्मचारियों ने पूरे घटनाक्रम में संयम बनाए रखा और विधायक की बातों का विरोध नहीं किया। लेकिन विधायक का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। उन्होंने मौके पर काम कर रहे कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों से तत्काल काम रोकने और वहाँ से हट जाने को कहा।
व्यापारियों का पक्ष
कटरा बाजार के व्यापारियों ने भी रेलवे प्रशासन के फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक से क्रॉसिंग बंद करने की कार्रवाई अनुचित है। व्यापारियों के मुताबिक, इससे ग्राहकों की आवाजाही बाधित होगी और उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि रेलवे को पहले वैकल्पिक मार्ग या अंडरपास/ओवरब्रिज की सुविधा देनी चाहिए, उसके बाद ही क्रॉसिंग बंद करनी चाहिए।
रेलवे का स्पष्टीकरण
रेलवे प्रशासन की ओर से कहा गया है कि क्रॉसिंग को बंद करने का निर्णय पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। रेलवे के अनुसार, बार-बार होने वाले हादसों और बढ़ती रेलगाड़ियों की आवाजाही को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। रेलवे का कहना है कि लोगों की असुविधा को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की योजना पर काम किया जा रहा है।
वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग
पूरन प्रकाश का यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनकी भाषा और रवैये की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे सत्ता के नशे में चूर व्यवहार बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं भाजपा संगठन ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
सवालों के घेरे में जनप्रतिनिधि
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करती है कि क्या जनता के चुने हुए प्रतिनिधि इस तरह सरकारी कर्मचारियों से पेश आएं? विधायक का यह रवैया न सिर्फ प्रशासनिक कार्यों में बाधा है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं का भी उल्लंघन है। फिलहाल मामला गरमा गया है और देखने वाली बात होगी कि भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार विधायक पूरन प्रकाश पर क्या रुख अपनाती है। जनता और विपक्ष दोनों ही इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
