मुंबई। पूर्वी उपनगर के मानखुर्द इलाके में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन से करीब 44 लाख रुपये मूल्य के तांबे के पाइप और तार चोरी हो जाने की घटना सामने आई है। इस मामले में ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में मंडला–ठाणे कासरवडावली मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से चल रहा है। यह काम अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। इसी लाइन का हिस्सा चेंबूर स्थित डायमंड गार्डन–मंडला मेट्रो कॉरिडोर भी है, जहाँ हाल ही में मेट्रो ट्रायल रन शुरू किया गया है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) इस लाइन पर 2025 के अंत तक सेवाएँ शुरू करने की योजना पर काम कर रही है।
निरीक्षण में खुलासा
एमएमआरडीए से जुड़े ठेकेदार की कंपनी के अधिकारी नियमित रूप से चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। हाल ही में जब स्टेशन पर एयर कंडीशनिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रिकल फिटिंग्स का निरीक्षण किया गया, तब यह मामला सामने आया। अधिकारी ने पाया कि एसी प्रणाली और अन्य तकनीकी कामों में इस्तेमाल होने वाले तांबे के पाइप और तार बड़ी मात्रा में गायब हैं।
इसके बाद अधिकारी ने मौके पर तैनात सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की, लेकिन किसी को भी चोरी की घटना के बारे में जानकारी नहीं थी। आश्चर्य की बात यह है कि लगभग एक साल पहले भी इसी साइट से करीब 44 लाख रुपये मूल्य का तांबा चोरी हो चुका था।
पुलिस की कार्रवाई
अधिकारी की शिकायत पर ट्रॉम्बे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ा जा सके। पुलिस का कहना है कि चोरी संगठित ढंग से की गई है और इसमें स्थानीय स्तर पर शामिल लोगों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा पर सवाल
लगातार दो साल में करोड़ों रुपये मूल्य का तांबा चोरी हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाओं पर चौबीसों घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना परियोजना की निगरानी व्यवस्था में खामियों की ओर इशारा करता है। मेट्रो परियोजनाओं में तांबे का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर एसी सिस्टम, वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए किया जाता है। चूंकि तांबे की कीमतें ऊँची हैं, इसीलिए चोर गिरोह अक्सर इन्हीं सामग्रियों को निशाना बनाते हैं। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि चोरी की घटनाएँ इसी तरह होती रहीं तो परियोजना की गति पर असर पड़ सकता है। लोगों का मानना है कि पुलिस और ठेकेदार कंपनी को सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करनी चाहिए।
फिलहाल ट्रॉम्बे पुलिस इस चोरी की गुत्थी सुलझाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी तक पहुँचा जाएगा। लेकिन यह घटना एक बार फिर निर्माणाधीन मेट्रो परियोजनाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी साबित हुई है
