ठाणे। मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब मेट्रो लाइन 4 और 4A के पहले फेज का ट्रायल रन ठाणे में सफलतापूर्वक किया गया। गायमुख जंक्शन से विजय गार्डन तक 4 किलोमीटर लंबे हिस्से पर मेट्रो चलाई गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने खुद मेट्रो की सवारी कर परियोजना का निरीक्षण किया।
यात्रियों को 50 से 75 फीसदी समय की बचत
मुख्यमंत्री फडणवीस ने ट्रायल रन के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 22 लाख लोगों को प्रतिदिन लाभ होगा। “मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद यात्रियों का यात्रा समय 50 से 75 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। मुंबई और ठाणे के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा,” उन्होंने कहा।
35.20 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन 4 और 4A वडाला, घाटकोपर और मुलुंड को ठाणे के कासरवडावली और गायमुख से जोड़ेगी। इस मार्ग पर कुल आठ बड़े इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं, जिससे पूरा मुंबई मेट्रो नेटवर्क आपस में जुड़ जाएगा। इस परियोजना में लगभग 16,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।
देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क
सीएम फडणवीस ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि यह रूट अगले साल के अंत तक पूरा हो जाए। “कुछ काम 2026 तक जारी रह सकता है, लेकिन इसके पूर्ण होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बन जाएगा,” उन्होंने कहा।
इसके साथ ही मोगरपाड़ा में 45 एकड़ जमीन पर एक बड़ा मेट्रो डिपो भी तैयार किया जा रहा है। यह डिपो मेट्रो लाइन 4, 4A, 10 और 11 की सेवाओं को सपोर्ट करेगा, जिससे संचालन और सुगम होगा।
देरी और लागत पर MVA सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री ने मेट्रो परियोजना में आई देरी और लागत बढ़ने का ठीकरा पिछली महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार पर फोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि, “पिछली सरकार ने मेट्रो समेत कई महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी थी। इसके कारण ढाई साल से अधिक की देरी हुई और लागत में भारी वृद्धि हुई।”
डिप्टी सीएम शिंदे का बयान
डिप्टी सीएम और एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने भी इस मौके पर ठाणे की उपेक्षा को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में ठाणे के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। बढ़ती आबादी और कनेक्टिविटी की जरूरत के बावजूद मेट्रो की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। हमें कई अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन महायुति सरकार के लगातार प्रयासों से यह परियोजना अब मजबूती से पटरी पर लौट रही है।”
ठाणे और मुंबई की जनता को राहत
मेट्रो लाइन 4 और 4A के शुरू होने से न सिर्फ मुंबई बल्कि ठाणे के लाखों यात्रियों को भी राहत मिलेगी। फिलहाल सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण यात्रा समय कई गुना अधिक हो जाता है। मेट्रो के संचालन से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सस्ती सुविधा उपलब्ध होगी।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
ट्रायल रन के सफल आयोजन के बाद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में उत्साह दिखाई दिया। उनका कहना है कि मेट्रो सेवाएं शुरू होने के बाद उनकी रोजमर्रा की यात्रा आसान हो जाएगी।