मुंबई पुलिसकर्मियों को मिलेंगे 500 स्क्वायर फुट के घर: आयुक्त देवेन भारती

मुंबई: महानगर में लंबे समय से पुलिस बल जिन समस्याओं का सामना कर रहा है, उनमें से सबसे गंभीर मुद्दा है – आवास की कमी। शहर में लगातार बढ़ती महंगाई और रियल एस्टेट की ऊँचाइयों के कारण पुलिसकर्मियों के लिए अपने परिवार के साथ सम्मानजनक तरीके से रहना बेहद कठिन हो गया है। अब मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने इस समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने घोषणा की कि पुलिसकर्मियों को 500 वर्ग फुट के घर उपलब्ध कराए जाएंगे और कोशिश होगी कि कांस्टेबल स्तर पर भी सेवा की शुरुआत में ही आवास आवंटित किया जाए।

आयुक्त भारती ने यह घोषणा एक सामाजिक संगठन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में की, जहाँ पुलिसकर्मियों के बच्चों को शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण मुंबई) डॉ. अभिनव देशमुख, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष शाखा) धनंजय कुलकर्णी सहित सामाजिक संगठन के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

कठिन परिस्थितियों में जीते हैं पुलिसकर्मी

आयुक्त भारती ने कहा कि मुंबई पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। कई बार उन्हें ड्यूटी पर 24 घंटे तैनात रहना पड़ता है और अक्सर उनका काम परिवार से दूरी और निजी जीवन में समझौते की मांग करता है। उन्होंने कहा, “कई पुलिसकर्मी कल्याण और डोम्बिवली जैसे दूरदराज के इलाकों से रोजाना लंबा सफर तय करके शहर में ड्यूटी के लिए आते हैं। यह न सिर्फ थकाने वाला है बल्कि उनके परिवारों के लिए भी कठिनाई पैदा करता है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुंबई में आवास की ऊँची लागत पुलिसकर्मियों को शहर के केंद्र से दूर रहने पर मजबूर करती है। नतीजतन, कई पुलिस कर्मचारी अपने पूरे जीवन छोटे और तंग घरों में गुजारते हैं।

पुलिस बल का त्याग और समर्पण

आयुक्त ने पुलिस बल की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मुंबई पुलिस हर परिस्थिति में अपनी ड्यूटी निभाती है। चाहे त्योहार हों, प्राकृतिक आपदाएँ हों या सुरक्षा संबंधी आपात स्थितियाँ – मुंबई पुलिस कभी “ना” नहीं कहती। उन्होंने कहा, “पुलिसकर्मी हमेशा ड्यूटी पर रहते हैं और उनके परिवार भी त्याग करते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनके लिए उचित आवास और सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।”

वरिष्ठ स्तर पर प्रयास

भारती ने भरोसा दिलाया कि पुलिस बल के आवास संबंधी मुद्दों को दूर करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर योजनाएँ बनाई जा रही हैं। उनका कहना है कि योजना के तहत प्रत्येक पुलिसकर्मी को 500 वर्ग फुट का घर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार होगा बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि कांस्टेबल, जो पुलिस बल की रीढ़ हैं, उन्हें भी उनकी सेवा की शुरुआत में ही आवास का अधिकार मिलना चाहिए। अभी तक देखा गया है कि कई कांस्टेबलों को वर्षों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है और वे रिटायरमेंट तक भी सरकारी घर पाने में असमर्थ रहते हैं।

समाज और पुलिस के बीच सेतु

सम्मान समारोह में उपस्थित सामाजिक संगठन के सदस्यों ने भी पुलिस बल की कठिनाइयों और उनकी सेवाओं का उल्लेख किया। पुलिसकर्मियों के बच्चों को उनकी शैक्षणिक सफलता के लिए सम्मानित करना इस बात का प्रतीक था कि समाज उनके प्रयासों को पहचानता है और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहता है।

भविष्य की दिशा

आयुक्त देवेन भारती की इस घोषणा ने पुलिस बल में एक नई उम्मीद जगाई है। शहर की सुरक्षा में दिन-रात लगे पुलिस कर्मियों के लिए यह पहल उनके जीवन की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकती है। यदि 500 वर्ग फुट के आवास की योजना को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो यह पुलिसकर्मियों के लिए राहत की बड़ी खबर होगी।

पुलिस बल को बेहतर आवास उपलब्ध कराने से न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान होगा बल्कि उनके कार्यकुशलता और समर्पण में भी और वृद्धि होगी। यह कदम मुंबई पुलिस के “सदैव सेवा में तत्पर” के मूल मंत्र को और मजबूती प्रदान करेगा।

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