Home राजनीतिराज्यमहाराष्ट्रकूपर अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन का अभाव, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी, मरीज को निजी मेडिकल से ₹7000 तक का इंजेक्शन खरीदने की सलाह

कूपर अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन का अभाव, मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी, मरीज को निजी मेडिकल से ₹7000 तक का इंजेक्शन खरीदने की सलाह

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मुंबई। मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अंधेरी स्थित कूपर अस्पताल में मंगलवार सुबह एक महिला कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए पहुंची, लेकिन उसे अस्पताल से यह कहकर लौटा दिया गया कि अस्पताल के पास आवश्यक एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) और ह्यूमन रैबिज इम्यूनोग्लोबुलिन (HRIG) इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मनपा के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता को आवश्यक इंजेक्शन निजी मेडिकल स्टोर से खरीदने की सलाह दी, जिससे न केवल उसके समय की बर्बादी हुई, बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ा।

महंगे इंजेक्शन से बढ़ी आम मरीजों की मुश्किलें

जानकारी के अनुसार, एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) की कीमत लगभग ₹600 है, जबकि HRIG इंजेक्शन की कीमत ₹7000 तक होती है। ऐसे में निम्न और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए निजी दुकान से यह दवाएं खरीदना बेहद मुश्किल हो जाता है। पीड़िता के परिवार ने बताया कि वे सुबह 8:30 बजे अस्पताल पहुंचे थे। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि जरूरी इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाहर से खरीदना होगा।

क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। अक्सर कुत्ता काटने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को इसी तरह बाहर के अस्पतालों जैसे कि जे.जे. अस्पताल या केईएम अस्पताल जाने के लिए कहा जाता है, जो कि काफी दूरी पर हैं।

स्थानीय लोगों में रोष, डीन से संपर्क नहीं हो सका

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में असंतोष देखा गया। एक नागरिक ने बताया कि कूपर अस्पताल जैसे प्रमुख शासकीय अस्पताल में इस प्रकार की मूलभूत दवाओं की अनुपलब्धता चिंताजनक है। मीडिया द्वारा जब इस मामले पर अस्पताल के डीन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नहीं उठाया गया। इस चुप्पी ने मनपा की स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मनपा के दावों की हकीकत उजागर

मुंबई महानगर पालिका द्वारा अक्सर यह दावा किया जाता है कि उनके अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंदों के लिए समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। लेकिन कूपर अस्पताल की यह स्थिति उन दावों के विपरीत एक अलग ही तस्वीर पेश करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुत्ते के काटने के तुरंत बाद ARV और HRIG इंजेक्शन देना आवश्यक होता है ताकि रोगी को रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाया जा सके। ऐसे में इस तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।

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