महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए राज्य की सभी सामान्य दुकानों और प्रतिष्ठानों को चौबीसों घंटे खोलने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के साथ महाराष्ट्र उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां बाजार और कारोबारी प्रतिष्ठानों पर समय की पाबंदी अब लागू नहीं होगी। सरकार के इस कदम को व्यापारिक जगत ने बेहद सकारात्मक माना है, क्योंकि लंबे समय से व्यापारी संगठनों की यह मांग थी कि महानगरों और व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानों को चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति दी जाए।
शराब की दुकानों और बार को छूट नहीं
हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह छूट शराब बेचने या परोसने वाले प्रतिष्ठानों को नहीं दी जाएगी। यानी बीयर बार, वाइन शॉप और परमिट रूम पहले की तरह ही तय समय सीमा तक ही संचालित होंगे। सरकार का मानना है कि यदि शराब से संबंधित आउटलेट्स को चौबीसों घंटे खोले जाने की अनुमति दी गई तो इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है और सामाजिक संतुलन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसी कारण इन्हें इस फैसले से बाहर रखा गया है।
कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित
सरकार ने अपने आदेश में यह भी सुनिश्चित किया है कि दुकानों के चौबीसों घंटे संचालन से कर्मचारियों के अधिकारों पर कोई आंच न आए। महाराष्ट्र दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम 2017 के तहत हर कर्मचारी को लगातार 24 घंटे का साप्ताहिक अवकाश दिया जाना अनिवार्य होगा। इसका अर्थ है कि दुकानें या रेस्टोरेंट भले ही 24×7 खुले रहें, लेकिन मालिक की यह जिम्मेदारी होगी कि कर्मचारियों को नियमानुसार अवकाश और कार्य स्थितियां प्रदान की जाएं। इससे श्रमिकों के हित सुरक्षित रहेंगे और शोषण की संभावना कम होगी।
पुलिस और प्रशासन को मिले स्पष्ट निर्देश
लंबे समय से यह शिकायत सामने आ रही थी कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी दुकानों को देर रात तक खुला रखने से रोकते हैं। सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट सर्कुलर जारी करते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सामान्य दुकानों, रेस्टोरेंट्स, सिनेमाघरों और थिएटरों को 24 घंटे संचालन की अनुमति दें और अनावश्यक रोक-टोक न करें। अब यह सुनिश्चित हो गया है कि कोई भी प्रतिष्ठान केवल स्थानीय अधिकारियों के दबाव या रोक के कारण समय से पहले बंद नहीं होगा।
सिनेमाघर और थिएटर को भी राहत
इस फैसले का लाभ सिनेमाघर और थिएटर को भी मिलेगा। पहले इन्हें सीमित समय तक खोलने की अनुमति थी, लेकिन अब वे भी 24 घंटे शो आयोजित कर सकेंगे। इससे मनोरंजन क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और फिल्म उद्योग को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा।
व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। मुंबई, पुणे, नागपुर और ठाणे जैसे शहरों में नाइट इकॉनमी को बल मिलेगा। देर रात तक खुली रहने वाली दुकानें और रेस्टोरेंट्स ग्राहकों को लचीलापन देंगे, वहीं पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को भी इससे फायदा होगा। बढ़ते उपभोक्ता आधार और सेवाओं की मांग से नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
व्यापारिक संगठनों और उद्यमियों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे राज्य में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। व्यापारियों का मानना है कि महानगरों में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें देर रात या सुबह जल्दी सेवाओं की जरूरत होती है। अब वे बिना किसी बाधा के खरीदारी कर सकेंगे। इसके अलावा छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तक को अपने संचालन में लचीलापन मिलेगा।
सरकार को बढ़े हुए राजस्व की उम्मीद
सरकार का भी मानना है कि इस निर्णय से कर राजस्व में वृद्धि होगी। रातभर खुले रहने वाले प्रतिष्ठानों से अतिरिक्त आयकर और जीएसटी संग्रह संभव होगा। साथ ही पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार को भरोसा है कि यह कदम राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगा।
आम जनता को सुविधा
आम उपभोक्ताओं के लिए यह कदम जीवनशैली में बड़ा बदलाव लाएगा। महानगरों में कामकाजी वर्ग, आईटी सेक्टर के कर्मचारी और छात्र देर रात या सुबह जल्दी भी आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। इससे उपभोक्ताओं का समय बचेगा और उन्हें अधिक सुविधा उपलब्ध होगी।