आकाशदीप और ड्रोन पर बैन! दिवाली में सुरक्षा के लिए मुंबई पुलिस ने जारी किए सख्त नियम

मुंबई |  दिवाली का त्यौहार नजदीक आते ही बाजारों में रौनक लौट आई है। सड़कों पर रोशनी, दीयों और मिठाइयों की खुशबू से पूरा शहर चमकने को तैयार है, लेकिन इस बार मुंबई पुलिस ने नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनज़र कुछ नए और सख्त नियम लागू किए हैं। इस वर्ष दिवाली के अवसर पर मुंबई में उड़ते लालटेन यानी ‘आकाशदीप’ और ड्रोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन उड़ते कंदीलों और ड्रोन से आगजनी, शांति भंग और अन्य अप्रिय घटनाओं की संभावना रहती है, इसलिए यह निर्णय जनहित में लिया गया है।

मुंबई पुलिस आयुक्तालय ने जारी आदेश में कहा है कि “बृहन्मुंबई क्षेत्र में 7 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक ड्रोन, पैराग्लाइडर, पैरामोटर, हैंड ग्लाइडर, माइक्रो-लाइट विमान और हॉट एयर बैलून जैसी सभी उड़ान गतिविधियों पर रोक रहेगी।” यह रोक दिवाली से पहले और बाद की अवधि को ध्यान में रखकर लगाई गई है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या असामाजिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसके साथ ही, 12 अक्टूबर से 10 नवंबर तक यानी पूरे एक महीने तक उड़ते लालटेन (आकाशदीप) के उड़ाने, बेचने और भंडारण पर भी पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।

पुलिस के अनुसार, यह कदम केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि पर्यावरणीय और सामाजिक जिम्मेदारी के तहत भी उठाया गया है। पिछले कुछ वर्षों में दिवाली के दौरान आकाशदीप उड़ाने की परंपरा ने लोकप्रियता हासिल की थी। कई नागरिक और व्यापारी इन लालटेन को सजावट या शुभ संकेत के रूप में उड़ाते थे, लेकिन इसी दौरान आग लगने की कई घटनाएं भी सामने आईं। कई बार ये लालटेन इमारतों की बालकनियों, बिजली की तारों या झाड़ियों में फंसकर आग का कारण बने हैं। मुंबई जैसी घनी आबादी वाले महानगर में इस प्रकार की घटनाएं बड़े हादसों का रूप ले सकती हैं।

मुंबई पुलिस ने बताया कि बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ बैठक कर सभी संभावित जोखिमों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। पुलिस उपायुक्त (संचालन) ने कहा कि “दिवाली का पर्व हर्ष और प्रकाश का प्रतीक है, लेकिन सुरक्षा सर्वोपरि है। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इन नियमों का पालन करें और सुरक्षित वातावरण में त्योहार मनाएं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 223 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई पुलिस ने इस आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि केवल वे ड्रोन या उड़ानें ही अनुमति प्राप्त होंगी जो पुलिस या सरकारी विभागों द्वारा निगरानी या आधिकारिक उद्देश्य के लिए उपयोग में लाई जाएंगी। ऐसी किसी भी गतिविधि के लिए पुलिस उपायुक्त (संचालन) से पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य होगी। इसके अलावा, नागरिकों को यह चेतावनी भी दी गई है कि लालटेन या ड्रोन बेचने वाले व्यापारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, और उनका माल जब्त किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीते वर्षों में त्योहारों के दौरान कई नागरिकों ने ड्रोन से पटाखों की शूटिंग या छतों से आकाशदीप उड़ाने का शौक दिखाया था। इस वजह से न केवल आगजनी की घटनाएं हुईं, बल्कि विमानन क्षेत्र और सुरक्षात्मक प्रतिष्ठानों के लिए भी खतरा बढ़ा। चूंकि मुंबई में कई महत्वपूर्ण रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र हैं, इसलिए प्रशासन ने एहतियातन यह निर्णय लिया है।

दिवाली के दौरान मुंबई में लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरते हैं, बाजारों में भीड़ उमड़ती है और कई इमारतों में ऊंचाई से सजावट की जाती है। ऐसे माहौल में उड़ते लालटेन या ड्रोन की चिंगारी किसी भी समय बड़ा नुकसान कर सकती है। इस पृष्ठभूमि में, पुलिस ने कहा है कि “थोड़ी सावधानी से बड़ा नुकसान टाला जा सकता है।”

मुंबई पुलिस की इस घोषणा के बाद नागरिकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कई लोगों ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि इससे सुरक्षा और शांति बनी रहेगी, वहीं कुछ व्यापारियों ने चिंता जताई है कि आकाशदीप की बिक्री पर रोक से उनकी दिवाली की आय पर असर पड़ेगा। हालांकि, पुलिस ने दोहराया कि यह निर्णय अस्थायी है और केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

मुंबई पुलिस ने सोशल मीडिया और स्थानीय रेडियो चैनलों के माध्यम से भी जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें नागरिकों से सुरक्षित दिवाली मनाने और आतिशबाज़ी या उड़ते दीयों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।

शहर के प्रमुख इलाकों—दादर, भायखला, बांद्रा, अंधेरी और मुलुंड—में पुलिस की टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा ताकि कोई भी व्यक्ति आदेश का उल्लंघन न करे। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी उल्लंघन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों की जाएगी।

मुंबई जैसे महानगर में जहां सुरक्षा, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी का संतुलन आवश्यक है, वहां पुलिस का यह कदम न केवल वाजिब बल्कि सराहनीय भी माना जा रहा है। इस बार दिवाली पर मुंबई शायद पहले की तरह उड़ते कंदीलों से नहीं सजेगी, लेकिन पुलिस और प्रशासन को उम्मीद है कि रोशनी और खुशियों से भरी एक सुरक्षित दिवाली जरूर होगी।

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