पगलाधारी गांव की घटना, चार दिन में दूसरा हादसा; मलबा हटाने का काम जारी
लखनऊ। अयोध्या जनपद एक बार फिर जोरदार विस्फोट से दहल उठा। गुरुवार शाम करीब 7 बजे थाना पुराकलंदर क्षेत्र के पगलाधारी गांव में एक मकान में हुए धमाके से अफरा-तफरी मच गई। अवैध पटाखा निर्माण के चलते हुए इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक व्यक्ति और उसके तीन बच्चे शामिल हैं। मृतकों की पहचान राम कुमार कसौधन उर्फ पप्पू और उसके परिवार के सदस्यों के रूप में हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि घर का मलबा 100 मीटर दूर तक जा गिरा और उसकी आवाज आधा किलोमीटर दूर तक सुनी गई। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस व राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे से पांच शवों को बाहर निकाला। अभी भी दो लोगों के दबे होने की आशंका है, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी से मलबा हटाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि राम कुमार अपने घर में लंबे समय से अवैध रूप से पटाखा निर्माण का काम कर रहा था। यह कोई पहली घटना नहीं है—पिछले वर्ष भी इसी गांव में ऐसी ही घटना में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके, प्रशासन की लापरवाही और नियमों की अनदेखी से यह दूसरी बड़ी दुर्घटना घटित हो गई।
108 एंबुलेंस चालक अजय कुमार ने बताया कि उन्हें शाम 7:28 बजे घटना की सूचना मिली। जब तक घायलों को मलबे से निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि सभी मृतकों के शरीर बुरी तरह झुलस चुके थे।
धमाके की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के अन्य घरों को खाली कराया गया है। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हैं। लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि मात्र चार दिन पूर्व भी अयोध्या में एक बारूद विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
