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यात्रियों की शिकायतों के बाद सरकार की सख्ती, 15 नवंबर से वसई–विरार में बिना मीटर कोई टैक्सी या ऑटो नहीं चलेगा

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अब तय मीटर पर ही मिलेगा किराया

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का सख्त आदेश

मुंबई। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने वसई–विरार नगर क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी करते हुए कहा है कि 15 नवंबर 2025 से नगर क्षेत्र में बिना मीटर कोई भी टैक्सी या ऑटो रिक्शा नहीं चलेगा। मंत्री सरनाईक ने यह निर्देश यात्रियों की लगातार बढ़ती शिकायतों, अवैध किराया वसूली और शहर में बढ़ती यातायात अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अब प्रत्येक टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालक को मीटर के अनुसार ही किराया वसूलना अनिवार्य होगा, और यदि कोई चालक इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि दोषी चालकों के परमिट और सेवा अनुमति रद्द की जा सकती है, ताकि नागरिकों को विश्वसनीय और पारदर्शी परिवहन सेवा प्राप्त हो सके।

बैठक में परिवहन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वसई–विरार क्षेत्र में पहले से साझा टैक्सी सेवा की अनुमति दी गई है, लेकिन यह अनुमति यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने का अधिकार नहीं देती। उन्होंने कहा कि कई बार यात्रियों ने यह शिकायत की है कि चालक तय दूरी से अधिक किराया वसूलते हैं और मीटर का उपयोग नहीं करते। इस स्थिति को सुधारने के लिए अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर वाहन में कार्यशील मीटर हो और सभी चालक निर्धारित किराया चार्ट का पालन करें। मंत्री ने कहा कि मीटर आधारित किराया व्यवस्था लागू होने से यात्रियों को पारदर्शिता के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस निर्णय से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा।

वसई–विरार में परिवहन व्यवस्था से संबंधित इस उच्चस्तरीय बैठक में विधायक स्नेहा दुबे, राज्य परिवहन निगम के प्रबंध संचालक डॉ. माधव कुसेकर, वसई–विरार नगर निगम के आयुक्त मनोज सूर्यवंशी और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कलसकर उपस्थित थे। बैठक में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सशक्त, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री सरनाईक ने अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि मीटर प्रणाली लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियाँ समय पर पूरी की जाएँ और यह सुनिश्चित किया जाए कि 15 नवंबर तक सभी वाहन निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य कर सकें।

बैठक में मंत्री ने यह भी कहा कि नगर क्षेत्र में सार्वजनिक बस सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य परिवहन निगम (एसटी) को वसई–विरार से ठाणे और कल्याण मार्गों पर लंबी दूरी की बस सेवाएँ प्रारंभ करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों को शहरों के बीच आने-जाने में अधिक सुविधा मिल सके। इसके साथ ही मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र की स्थानीय बस सेवाएँ अपनी पूरी क्षमता से संचालित हों और जिन मार्गों पर यातायात की अधिक मांग है, वहाँ बसों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने से निजी वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे यातायात जाम की समस्या में भी कमी आएगी।

परिवहन मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर क्षेत्र में जो सरकारी भूमि या खुली जगहें खाली पड़ी हैं, उनका उपयोग सार्वजनिक पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि वसई–विरार, नालासोपारा और विरार जैसे प्रमुख उपनगरों में पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे सड़क पर अव्यवस्था और जाम की स्थिति पैदा होती है। इसलिए नगर निगम को पार्किंग के लिए एक दीर्घकालिक योजना तैयार करनी होगी, जिसमें बहुस्तरीय पार्किंग संरचना, स्मार्ट भुगतान प्रणाली और यातायात नियंत्रण के आधुनिक साधन शामिल हों।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि वसई, विरार और नालासोपारा में नए बस केंद्र (डिपो) स्थापित किए जाएँगे ताकि नागरिकों को अपने क्षेत्र के भीतर ही सुविधाजनक परिवहन साधन उपलब्ध हो सकें। मंत्री सरनाईक ने कहा कि नए बस केंद्र स्थापित होने से यात्रियों को समयबद्ध सेवाएँ मिलेंगी और लंबी दूरी की बसों के संचालन में समन्वय बनेगा। उन्होंने नगर निगम और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसकी प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए।

परिवहन मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर सेवा प्रदान करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीटर आधारित व्यवस्था से टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा अधिक किराया वसूलने की शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इस व्यवस्था से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि चालकों को भी एक निश्चित ढांचा मिलेगा, जिससे विवाद की स्थितियाँ कम होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि चालकों को मीटर रखरखाव, किराया गणना और सेवा शिष्टाचार से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि वे नए नियमों का पालन सहजता से कर सकें।

मंत्री सरनाईक ने आगे कहा कि वसई–विरार क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और यहां की जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में विश्वसनीय और सुरक्षित परिवहन सेवा उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना मीटर चलने वाले सभी वाहनों की विशेष जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य वसई–विरार जैसे विस्तारित उपनगर में यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करना और यात्रियों को पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में यह नीति कितनी प्रभावी साबित होती है और क्या इससे यात्रियों को अपेक्षित राहत मिल पाती है। परिवहन विभाग ने भी आश्वस्त किया है कि 15 नवंबर से पहले सभी टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों को नए नियमों की पूरी जानकारी दी जाएगी और मीटर स्थापना से संबंधित सभी तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।

मंत्री सरनाईक ने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार नागरिकों की सुविधा के लिए सभी संभावित कदम उठाने को तैयार है और यह निर्णय उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नागरिक और चालक दोनों इस नीति का स्वागत करेंगे और शहर को सुचारू, पारदर्शी और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।

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