मुंबई। दिवाली से पहले चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश मुंबई पुलिस ने कर दिया है। सायन और कालाचौकी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो खुद को पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी का कर्मचारी बताकर घरों में घुसते थे और कीमती गहने चोरी कर लेते थे। पुलिस ने इस गिरोह से ₹12 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
यह मामला 15 अक्टूबर 2025 का है। सुबह 9 से 11 बजे के बीच सायन (पूर्व) के दोस्ती लाइट परिसर में और शाम 5.30 से 6.30 बजे के दौरान लालबाग के माळी कुंज, मेघवाड़ी (कालाचौकी क्षेत्र) में दो घरफोड़ियां हुई थीं। दोनों मामलों में आरोपियों ने खुद को मजदूर बताकर घरों में प्रवेश किया और मौके का फायदा उठाकर सोने-चांदी के आभूषण उड़ा लिए।
सायन पुलिस थाने में ₹8.80 लाख की चोरी और कालाचौकी पुलिस थाने में ₹3.40 लाख की चोरी की शिकायत दर्ज की गई। दोनों थानों ने अपराध क्रमांक 359/2025 और 403/2025 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 380, 34 और 380(अ) के तहत केस दर्ज किया।
तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी संदीप दिनेश विश्वकर्मा (27) को गिरफ्तार कर ₹8 लाख मूल्य के गहने जब्त किए। इसके बाद कांदिवली से चार अन्य आरोपी — प्रविण फुलचंद पांडे (26), दुर्गेश दिवाकांत मिश्रा (26), राकेश बळीराम यादव (20) और पिंटू बबन सिंह (28) को हिरासत में लिया गया।
संयुक्त कार्रवाई में पुलिस को 100 प्रतिशत चोरी का माल बरामद करने में सफलता मिली है।
यह अभियान पुलिस आयुक्त देवेन भारती, अपर पुलिस आयुक्त विक्रम देशमाने, उप-पुलिस आयुक्त रागसुधा आर., शैलेंद्र धिवार, और घनश्याम पलंगे के मार्गदर्शन में संचालित हुआ। ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजयकुमार शिंदे (कालाचौकी) और अनंत साळुंखे (सायन) ने किया।
सायन टीम में निरीक्षक संजय जगताप, उपनिरीक्षक ठोंबरे, भोसले, शिवतरे, और हवलदार मोरे, जाधव, पाटील शामिल थे, जबकि कालाचौकी टीम में एपीआई अमित भोसले, शिपाई गोपाल चव्हाण, पराग शिंदे, खांडेकर, और विजय सोनवणे सक्रिय रहे।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह शहर में हुई अन्य घरफोड़ियों से भी जुड़ा हुआ है। सायन और कालाचौकी पुलिस की त्वरित और समन्वित कार्रवाई की सराहना स्थानीय नागरिकों और वरिष्ठ अधिकारियों दोनों ने की है।