बिहार में शराबबंदी के बीच पूर्व विधायक बियर के साथ गिरफ्तार, कार जब्त
चुनावी माहौल में बीजेपी के लिए असहज स्थिति
पश्चिम चंपारण | बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच एक चौंकाने वाली घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बेल्थरारोड विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया को बिहार में बियर के साथ गिरफ्तार किया गया है। एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) और चुनाव निगरानी टीम ने शनिवार (24 अक्टूबर 2025) को पश्चिम चंपारण जिले के नौतन थाना क्षेत्र के मंगलपुर बांध बरियारपुर चेकपोस्ट पर उनकी कार से अंग्रेजी बियर के तीन केन बरामद किए।
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 12:55 बजे की है, जब SST (स्टैटिक सर्विलांस टीम) मजिस्ट्रेट और एसएसबी की संयुक्त टीम चुनावी निगरानी के तहत वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान उत्तर प्रदेश नंबर की एक काली किआ सेल्टोस कार (UP 60 BF 7173) को रोका गया। जांच के दौरान कार की डिग्गी में रखे ट्रॉली बैग से बडवाइजर लेगर 500 एमएल (बैच नंबर 7427) के तीन कैन बरामद किए गए। कार में सवार पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया बियर के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
पूर्ण शराबबंदी के बीच मामला गंभीर
बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब की खरीद, बिक्री, परिवहन और सेवन पर सख्त पाबंदी है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के पास शराब की मौजूदगी को कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही गाड़ी और शराब को जब्त करने का आदेश दिया तथा पूर्व विधायक और उनके ड्राइवर दिलीप सिंह को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया गया।
चुनावी प्रचार के लिए आए थे बिहार
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व विधायक धनंजय कन्नौजिया बिहार में बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने आए थे। इस दौरान चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से लगाए गए चौकियों पर सघन चेकिंग की जा रही थी। जांच के दौरान इस गाड़ी को रोके जाने पर पूरा मामला सामने आया। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है और जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि बियर व्यक्तिगत उपयोग के लिए थी या इसका चुनावी गतिविधियों से कोई संबंध है।
राजनीतिक हलचल तेज, विपक्ष का हमला
पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधा है। राजद और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता चुनाव आचार संहिता और शराबबंदी कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। विपक्ष ने सवाल उठाया कि “जब बिहार में शराबबंदी लागू है, तो बीजेपी का नेता शराब के साथ पकड़ा कैसे गया?” दूसरी ओर, बीजेपी की ओर से अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि “घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पार्टी कोई बयान देगी।”
प्रशासन की सख्ती और आगे की कार्रवाई
एसएसबी और पुलिस ने जब्त की गई गाड़ी और शराब के सैंपल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। वहीं, प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भी भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल चरम पर है और सभी पार्टियां अपनी छवि को लेकर सतर्क हैं। ऐसे में बीजेपी के पूर्व विधायक की गिरफ्तारी ने सत्तारूढ़ दल के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी। अगर शराबबंदी कानून का उल्लंघन साबित होता है, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार में चुनावी गर्मी के बीच यह मामला राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट और बीजेपी के रुख पर टिकी हैं कि पार्टी अपने पूर्व विधायक के इस कृत्य पर क्या रुख अपनाती है।