अगले दो दिन मुंबई और कोंकण में भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मुंबई। दक्षिण भारत में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर अब महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, ग्रेटर मुंबई और कोंकण क्षेत्र के लिए अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण इन इलाकों में मौसम बिगड़ गया है और कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।
आईएमडी ने शनिवार को जारी अपने पूर्वानुमान में कहा है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान ‘फेयरली वाइड स्प्रेड रेनफॉल’ यानी 75 प्रतिशत इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तेज हवाओं के साथ बारीक से मध्यम बारिश का अनुमान
शनिवार दोपहर बाद मुंबई शहर और उपनगरों में आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। ग्रेटर मुंबई के ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण और अंबरनाथ में बारिश का जोर ज्यादा रहा। दोपहर 1 से 2 बजे के बीच कई जगहों पर अचानक भारी बारिश हुई, जिससे सड़कें पानी से भर गईं। हालांकि, चूंकि यह सप्ताहांत था और कई स्कूल-कॉलेज बंद थे, इसलिए आवागमन पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।
शाम तक रुक-रुक कर बारिश जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
अरब सागर में बने इस कम दबाव के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे तक वे गहरे समुद्र में न जाएं। सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों में प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
सावधानी के तौर पर गुजरात और महाराष्ट्र तट के कई इलाकों से मछली पकड़ने वाली नावें वापस लौट आई हैं। सिंधुदुर्ग जिले के देवगढ़ बंदरगाह पर शनिवार शाम तक सैकड़ों नावें सुरक्षित रूप से खड़ी कर दी गईं। चिपलून के मछुआरे संघ के मुताबिक, समुद्र में तूफान जैसी स्थिति बनने के कारण मछुआरों ने अपनी नावें किनारे लगा दी हैं।
पालघर में चावल की फसलों को नुकसान
पालघर जिले में लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी बारिश होती रही। शाम करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही, साथ ही तेज हवाओं ने कई जगह पेड़ गिरा दिए। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। कृषि विभाग के मुताबिक, इस लगातार बारिश से चावल की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई किसानों ने बताया कि कटाई से पहले हुई इस बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट
बारिश के बढ़ते असर को देखते हुए बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने सभी वार्ड अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग स्टेशन सक्रिय कर दिए गए हैं। वहीं, एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में तैनात की गई हैं।
आईएमडी के विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर में बना कम दबाव का यह क्षेत्र अगले 24 घंटे में और गहरा हो सकता है, जिससे मुंबई और कोंकण में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। सोमवार तक मौसम में सुधार के आसार हैं, लेकिन तब तक तटीय इलाकों में सतर्कता बरतना जरूरी है।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
