होटल मालिक और मुख्य मैनेजर फरार, पुलिस ने होटल सील किया; अन्य होटलों पर भी निगरानी तेज
वाराणसी | वाराणसी पुलिस ने बुधवार की दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित होटल टाउन हाउस में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस होटल में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसीपी कैंट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर अचानक छापा मारा और मौके से चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। कार्रवाई के दौरान होटल का मैनेजर और कुछ कर्मचारी मौके से फरार हो गए, हालांकि पुलिस ने होटल के एक अन्य मैनेजर अमन राय को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, होटल टाउन हाउस वाराणसी निवासी पीयूष जायसवाल के स्वामित्व में है। बताया जा रहा है कि जायसवाल के पास शहर में ओयो (OYO) ग्रुप के तहत चार होटल संचालित हैं। उन्हीं में से एक यह होटल भी शामिल है, जहां गाजीपुर निवासी उमेश यादव को मुख्य मैनेजर नियुक्त किया गया था। पुलिस का कहना है कि उमेश यादव छापेमारी की भनक लगते ही मौके से भाग निकला। पुलिस को संदेह है कि इन होटलों में पिछले कई महीनों से संगठित तरीके से देह व्यापार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि छापेमारी के दौरान होटल में कई मानकों का उल्लंघन पाया गया। होटल में रजिस्टर में सही प्रविष्टियां नहीं की गई थीं और कई कमरे बिना किसी वैध पहचान पत्र के किराए पर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि चार युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। युवतियों में दो वाराणसी की रहने वाली हैं जबकि दो अन्य बाहरी जिलों की बताई जा रही हैं। पुलिस ने होटल से कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन, रजिस्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा था, जो सोशल मीडिया और ऑनलाइन ऐप्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ओयो के नाम पर संचालित यह होटल बाहरी ग्राहकों को ठहराने के नाम पर अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस को संदेह है कि शहर के अन्य होटलों में भी इसी तरह का नेटवर्क सक्रिय है, इसलिए अब पूरे शहर में इस तरह के होटलों की सघन जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने होटल को पूरी तरह सील कर दिया है और फरार आरोपी होटल मालिक, मुख्य मैनेजर उमेश यादव तथा अन्य स्टाफ की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं। एडीसीपी नीतू कादयान ने कहा कि इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस अब ओयो से जुड़े अन्य होटलों की गतिविधियों की भी जांच करेगी ताकि इस प्रकार के अवैध कारोबार पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जा सके।
पुलिस का यह कदम वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन शहर में बढ़ती अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि ऐसे रैकेट चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। शहर में अब सभी होटलों को अपने किराएदारों का पूरा रिकॉर्ड रखने और स्थानीय थाने में सूचना देने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के बाद वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि किसी भी कीमत पर इस तरह के अनैतिक और अवैध व्यवसाय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य होटलों और लॉजों पर भी इसी तरह की छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।