मुंबई, 30 अक्टूबर 2025: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आगामी चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह कार्यक्रम ‘त्रिलोक विवेचना’ (ट्रायल विश्लेषण) पर आधारित है, जो वार्डों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का निष्पक्ष निर्धारण सुनिश्चित करता है। एसईसी द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को जारी आधिकारिक अधिसूचना (प्रपत्र-9) के अनुसार, यह प्रक्रिया महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम, 1949 की धारा 5-ए के तहत संचालित हो रही है। इस कदम से मुंबई के सबसे बड़े नागरिक निकाय के चुनावों की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है, जो 2017 के बाद से विभिन्न कानूनी विवादों और आरक्षण मुद्दों के कारण लंबित थी।
बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं, और नई आरक्षण रोटेशन नियमों के तहत एससी के लिए 27 सीटें, एसटी के लिए 2 सीटें, ओबीसी के लिए 27% (लगभग 61 सीटें) और महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में ‘बृहन्मुंबई महानगरपालिका (वार्ड पार्षद आरक्षण का आवंटन और रोटेशन) नियम, 2025’ जारी किए हैं, जिसमें एससी और एसटी को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही वार्डों का रोटेशन रीसेट किया गया है। यह बदलाव 2011 की जनगणना पर आधारित हैं और चुनावों को निष्पक्ष बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से राजनीतिक दलों की रणनीतियां प्रभावित होंगी, खासकर शिवसेना, भाजपा, कांग्रेस और एमएनएस जैसे दलों की, जो मुंबई की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
त्रिलोक विवेचना प्रक्रिया के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं, जो पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी पर जोर देते हैं:
अ) प्रारूप आरक्षण प्रस्ताव की मंजूरी:
– बीएमसी द्वारा आरक्षित सीटों की संख्या निर्धारित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा और राज्य चुनाव आयोग को मंजूरी के लिए 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रस्तुत किया जाएगा। यह चरण जनसंख्या अनुपात के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित करता है, जहां घटते क्रम में सीटें आवंटित की जाती हैं।
ब) आरक्षण लॉटरी (सोडत) प्रक्रिया:
– लॉटरी की सार्वजनिक सूचना 5 नवंबर 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाएगी, ताकि नागरिकों को प्रक्रिया की जानकारी मिल सके।
– वास्तविक आरक्षण लॉटरी 11 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसमें यादृच्छिक तरीके से वार्ड-वार आरक्षण तय होगा।
लॉटरी के परिणाम को आयोग की अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद प्रारूप तैयार होगा।
क) आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करना:
– प्रारूप आरक्षण का प्रकाशन और आपत्तियों/सुझावों को आमंत्रित करने की सूचना 14 नवंबर 2025 को जारी की जाएगी। यह चरण नागरिकों को वार्ड सीमांकन या आरक्षण में किसी अनियमितता पर अपनी राय देने का अवसर प्रदान करता है।
– आपत्तियां और सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2025 है। पिछले चुनावों में इस चरण में हजारों आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जो प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाती हैं।
ड) अंतिम आरक्षण की घोषणा:
– प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के लिए बीएमसी आयुक्त द्वारा 21 नवंबर से 27 नवंबर 2025 तक अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जो परिशिष्ट-14 के प्रारूप में होगा।
– अंतिम आरक्षण विवरण राज्य राजपत्र में 28 नवंबर 2025 को प्रकाशित किया जाएगा। यह प्रकाशन चुनाव की अगली प्रक्रियाओं, जैसे मतदाता सूची की तैयारी और नामांकन, के लिए आधार बनेगा।
राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरेश काकाणी द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना से स्पष्ट है कि बीएमसी चुनाव अब निकट हैं। एसईसी के अनुसार, चुनाव जनवरी 2026 तक हो सकते हैं, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी 2026 की समयसीमा दी है।
यह प्रक्रिया न केवल संवैधानिक आवश्यकताओं को पूरा करती है बल्कि मुंबई की विविध जनसंख्या को उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नए रोटेशन से कई मौजूदा पार्षदों की सीटें प्रभावित हो सकती हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक हो जाएगा।
बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध है।
