मुंबई। अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में खासी चर्चा छेड़ दी है। विवेक का कहना है कि आज भले ही शाहरुख खान को दुनिया “किंग खान” कहकर पुकारती हो, लेकिन आने वाले कुछ दशकों में नई पीढ़ी उन्हें भी भूल जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे आज की जनरेशन राज कपूर, दिलीप कुमार या देव आनंद को सिर्फ किताबों और पुरानी फिल्मों तक सीमित मानती है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विवेक ने बेबाकी से कहा, “वक्त सबसे बड़ा समतल करने वाला है। कोई कितना भी बड़ा सुपरस्टार क्यों न हो, समय के साथ उसकी चमक फीकी पड़ जाती है। आज शाहरुख खान का जलवा है, फैन फॉलोइंग है, लेकिन 30-40 साल बाद नई पीढ़ी के लिए वे भी सिर्फ एक नाम या पुरानी फिल्मों का हिस्सा भर रह जाएंगे।”
विवेक ने अपने तर्क को मजबूत करने के लिए हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर के सितारों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “राज कपूर को सिनेमा का भगवान कहा जाता था। रूस से लेकर मिस्र तक उनकी तूती बोलती थी। लेकिन आज के 20-25 साल के युवा से पूछिए कि ‘आवारा हूं’ गाने का मतलब क्या है, तो शायद दस में से नौ को पता भी न हो। यही वक्त का खेल है।”
विवेक यहीं नहीं रुके। उनका कहना था कि स्टारडम की एक सीमित उम्र होती है। “लोग आपको तब तक याद रखते हैं, जब तक आप स्क्रीन पर सक्रिय हैं या आपकी फिल्में चल रही हैं। उसके बाद आप धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में सिमट जाते हैं। अमिताभ बच्चन आज भी सक्रिय हैं, इसलिए याद हैं। लेकिन अगर वे रिटायर हो जाएं, तो अगली पीढ़ी उन्हें भी वही नजरिया देगी जो आज राजेश खन्ना को देती है।”
हालांकि विवेक ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा शाहरुख खान की उपलब्धियों को कम करना नहीं है। “शाहरुख ने जो मुकाम हासिल किया है, वह अपने आप में ऐतिहासिक है। लेकिन सवाल यह है कि क्या 2060-2070 में कोई बच्चा ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ देखकर उतना ही दीवाना होगा जितना हम 90 के दशक में थे? शायद नहीं।”
विवेक ओबेरॉय का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जहां एक पक्ष इसे सच्चाई का आइना बता रहा है, वहीं शाहरुख के फैंस इसे “खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे” वाली स्थिति करार दे रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि विवेक का यह बयान उनकी अपनी करियर ग्राफ से उपजी कुंठा भी हो सकती है, क्योंकि साल 2002 में ‘कंपनी’ और ‘रोड’ जैसी फिल्मों से धमाकेदार डेब्यू करने के बावजूद वे कभी शीर्ष सितारों की कतार में जगह नहीं बना पाए। फिलहाल यह बयान बॉलीवुड के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और यह सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है कि क्या वाकई सुपरस्टार भी एक दिन “पुरानी याद” बनकर रह जाते हैं?
