मुंबई के भायखला रेलवे स्टेशन के बाहर शुक्रवार सुबह अचानक लगी आग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह आग पुल के ठीक नीचे जमा कबाड़ के ढेर में भड़की, जहां लंबे समय से स्क्रैप सामग्री रखी जा रही थी। घटना सुबह 10:02 बजे दर्ज हुई, जब स्थानीय लोगों ने तेज धुआँ निकलते देखा और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी।
आग लगने का स्थान भायखला पुलिस स्टेशन के ठीक सामने था, जिससे पलभर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने तेज प्रतिक्रिया देते हुए फायर इंजन को मौके पर रवाना किया। कुछ ही मिनटों में टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और समन्वित प्रयासों के जरिए 10:14 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। महज 12 मिनट में की गई यह कार्रवाई MFB की तत्परता और दक्षता का प्रमाण है।
आग लगने के दौरान पुल के नीचे से उठते dense काले धुएं के गुबार ने आसपास के क्षेत्र को ढक लिया। खासकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पर दृश्यता कुछ समय के लिए काफी प्रभावित हुई। सड़क से गुजरने वाले वाहनों को एक पल के लिए अपनी रफ्तार कम करनी पड़ी और लोगों में हल्की दहशत का माहौल बना रहा।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसे एक चलती कार से रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क के एक हिस्से पर धुआं पूरी तरह छा गया था, जिससे गुजर रहे लोगों के लिए स्थिति थोड़ी असहज हो गई थी।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस आगजनी में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है। आग मुख्य रूप से कबाड़ में लगी थी, इसलिए बड़े पैमाने पर संपत्ति नुकसान की भी जानकारी नहीं सामने आई है। फिलहाल अधिकारी आग लगने की वजहों की जांच में जुटे हैं—क्या यह लापरवाही का परिणाम थी या किसी तकनीकी कारण से हादसा हुआ।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पुल के नीचे लंबे समय से कबाड़ सामग्री जमा की जा रही थी, जिससे ऐसी दुर्घटना की आशंका पहले भी व्यक्त की गई थी। यह घटना नगर प्रशासन और रेलवे के लिए चेतावनी है कि अवैध रूप से जमा कबाड़ या ज्वलनशील सामग्री गंभीर खतरा बन सकती है।
फायर ब्रिगेड ने इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है और कहा कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। तेज कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़े हादसे को टाल लिया गया।
