Home ताजा खबरजीएसटी की नई एडवाइजरी: बैंक अकाउंट अपडेट न करने पर कभी भी निलंबित हो सकता है पंजीकरण

जीएसटी की नई एडवाइजरी: बैंक अकाउंट अपडेट न करने पर कभी भी निलंबित हो सकता है पंजीकरण

by admin
0 comments

नई दिल्ली: जीएसटीएन ने कारोबारियों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी करते हुए साफ किया है कि जीएसटी पोर्टल पर नियम 10A से जुड़े नए बदलाव जल्द लागू होने जा रहे हैं। इन बदलावों के प्रभाव में आने के बाद उन सभी रजिस्टर्ड करदाताओं का जीएसटी पंजीकरण निलंबित किया जा सकेगा, जिन्होंने अब तक अपने बैंक खाते की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं की है। कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय मंत्री और अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने इसे व्यापार जगत के लिए “अत्यंत गंभीर चेतावनी” बताया है।

ठक्कर के अनुसार, नए सिस्टम के एक्टिवेट होते ही जीएसटी पोर्टल उन करदाताओं को आगे की किसी भी प्रक्रिया में प्रवेश नहीं करने देगा, जिनकी बैंक डिटेल्स उपलब्ध नहीं होंगी। सबसे अधिक असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जिन्होंने कई महीनों से बैंक विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया को टाल रखा है। पंजीकरण निलंबित होते ही उनका इनवॉइस जनरेशन और GSTR-1 या IFF फाइलिंग तुरंत रुक जाएगी, जिससे रोजमर्रा के व्यापार पर व्यापक असर पड़ सकता है।

नियम 10A के अनुसार, किसी भी करदाता को जीएसटी पंजीकरण प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर अपने बैंक अकाउंट की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। यदि करदाता इस समयसीमा के भीतर बैंक विवरण जमा नहीं करता या GSTR-1/IFF दाखिल करने से पहले भी अकाउंट अपडेट नहीं करता, तो सिस्टम स्वतः ही पंजीकरण को निलंबित श्रेणी में डाल देगा। हालांकि यह नियम टीसीएस, टीडीएस कटौती करने वालों और उन करदाताओं पर लागू नहीं होगा जिन्हें अधिकारियों ने स्वतः पंजीकृत किया है।

जीएसटीएन ने स्पष्ट किया है कि नए बदलाव स्वचालित रूप से लागू होंगे और पोर्टल किसी भी ऐसे करदाता को रिटर्न फाइलिंग या इनवॉइसिंग प्रक्रिया में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देगा जिसने अपने खाते की जानकारी अपडेट नहीं की है।

ठक्कर ने कहा कि इससे उन कारोबारों पर विशेष दबाव बनेगा जो अब तक इस औपचारिकता को नज़रअंदाज़ करते आए हैं। बैंक डिटेल न अपडेट होने पर न तो सही तरीके से बिक्री की इनवॉइस बन पाएगी और न ही आउटवर्ड सप्लाई का डेटा फाइल हो सकेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने का जोखिम है।

करदाता जीएसटी पोर्टल पर नॉन-कोर अमेंडमेंट विकल्प के माध्यम से अपने बैंक खाते की जानकारी आसानी से अपडेट कर सकते हैं। शंकर ठक्कर ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे तुरंत यह प्रक्रिया पूरी करें ताकि नया सिस्टम लागू होने पर किसी भी तरह की परेशानी या व्यापार बाधा का सामना न करना पड़े।

You may also like

Leave a Comment

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?
-
00:00
00:00
Update Required Flash plugin
-
00:00
00:00