वसई-विरार क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने मनपा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माणिकपुर पुलिस स्टेशन अंतर्गत वसई पश्चिम स्थित दीवामान श्मशान भूमि के पास पानी टाकी में इस्तेमाल होने वाले कलोरिंग का सिलेंडर अचानक लीक हो गया। घटना शाम करीब 5 बजे हुई, जब आसपास मौजूद 10 से 15 लोग गैस रिसाव की चपेट में आ गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल देव पारडीवाला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
गैस रिसाव होते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिकों ने तुरंत अग्निशमन दल को सूचना दी। कुछ ही देर में वसई-विरार अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू की। इसी बीच प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
अग्निशमन विभाग और पुलिस ने रिसाव पर काबू पाने के बाद घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। छह लोगों की हालत खराब होने पर उन्हें डिवाइन हॉस्पिटल और वसई गांव स्थित मनपा के सर डीएम पेटिट अस्पताल में भर्ती किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों का उपचार जारी है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में रोष फैल गया है। उनका कहना है कि मनपा की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। नागरिकों के मुताबिक पानी टाकी में कलोरिंग सिलेंडरों की देखभाल और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस और मनपा स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। न तो रिसाव के कारणों पर कोई बयान दिया गया है और न ही सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
इस हादसे ने आसपास के निवासियों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। उनका कहना है कि रोज़मर्रा की जरूरतों के लिए बनी सुविधाओं की इतनी लापरवाही से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों की मांग है कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए मनपा को सख्त कदम उठाने होंगे। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर नगर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
