17 साल बाद हत्या का फरार आरोपी गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच यूनिट–4 की बड़ी कार्रवाई

मुंबई। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) यूनिट–4 ने 17 वर्षों से हत्या के एक मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2008 में घटित इस सनसनीखेज हत्या कांड में आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को मुंबई पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यह मामला 1 अक्टूबर 2008 का है, जब मुलुंड पश्चिम स्थित डांगरपाड़ा, पाइपलाइन मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में रहने वाले राजेश सोनी लखवाणी (31) की नृशंस हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि मादक पदार्थों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के दौरान आरोपियों ने धारदार और घातक हथियार से राजेश पर गंभीर वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।

इस संबंध में मुलुंड पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 341/2008 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 34 (सामान्य आशय), 120(बी) (आपराधिक साजिश) सहित मुंबई पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों—अरुण अन्नपा कुंचीकोर उर्फ राजा गणेश देवेंद्र और सनी उर्फ अजिक्य जानकीदार कबाड़े—को गिरफ्तार कर लिया था।

हालांकि, इस हत्याकांड में शामिल दो अन्य आरोपी घटना के बाद से ही फरार हो गए थे। जांच के दौरान दुर्गेश उर्फ छोटू अवदेश गौड़ा को चार्जशीट में फरार आरोपी के रूप में दर्शाया गया था। वह लगातार ठिकाने बदलकर पिछले 17 वर्षों तक कानून की आंखों में धूल झोंकता रहा।

क्राइम ब्रांच यूनिट–4 ने इस पुराने मामले को दोबारा सक्रिय करते हुए फरार आरोपी की तलाश तेज की। तकनीकी विश्लेषण, पुराने रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। इसी दौरान यूनिट को विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी रावली कैंप, अंटॉपहिल, मुंबई–37 क्षेत्र में आने वाला है।

सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच यूनिट–4 की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और पूरी सतर्कता के साथ मौके पर घेराबंदी की। पुलिस ने बिना किसी अप्रिय घटना के फरार आरोपी दुर्गेश उर्फ छोटू अवदेश गौड़ा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को यूनिट–4 कार्यालय लाकर गहन पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को मुलुंड पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया है, जहां से उसे अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी किन-किन जगहों पर रहा और उसे किसी प्रकार की मदद मिली या नहीं।

यह सराहनीय कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र क्षीरसागर के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच यूनिट–4 की टीम द्वारा अंजाम दी गई। मुंबई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कितने भी साल बीत जाएं, कानून से बचना संभव नहीं है और अपराधियों को अंततः न्याय के कटघरे तक लाया ही जाएगा।

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