रेलवे फाटक आमतौर पर यात्रियों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं। ट्रेन के गुजरने के दौरान फाटक बंद कर दिए जाते हैं ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो रेलवे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक लोको पायलट ने ट्रेन को रेलवे फाटक पर केवल इसलिए रोक दिया ताकि वह सब्जी खरीद सके, जिससे दोनों ओर का सड़क यातायात काफी देर तक ठप रहा।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि रेलवे फाटक पूरी तरह बंद है और दोनों तरफ राहगीरों, दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। लोग गर्मी और धूप में फंसे हुए नजर आ रहे हैं। इसी दौरान रेलवे पटरी के पास कुछ लोग खड़े दिखाई देते हैं, जिनके हाथों में थैलियां और पैकेट हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ये लोग लोको पायलट और रेलवे स्टाफ हैं, जो सब्जी खरीदने के लिए ट्रेन से उतरे थे।
वीडियो के अनुसार, काफी देर तक ट्रेन फाटक पर खड़ी रही और यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में एक पैसेंजर मेमू ट्रेन वहां पहुंचती है, जिसके बाद लोको पायलट और स्टाफ ट्रेन में सवार होते हैं और ट्रेन रवाना हो जाती है। इस पूरी घटना को वहां खड़े राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक रेलवे प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि वीडियो किस स्थान का है, इसमें दिख रहे लोग वास्तव में लोको पायलट और रेलवे कर्मचारी हैं या नहीं, और किसके आदेश पर ट्रेन को रोका गया था। बावजूद इसके, वीडियो ने रेलवे की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो देख फूटा लोगों का गुस्सा
सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को लेकर जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि अगर लोको पायलट या रेलवे स्टाफ अपनी निजी जरूरतों के लिए ट्रेन को बीच रास्ते में रोक सकते हैं, तो यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर ट्रेन को कहीं भी रोका जा सकता है और कोई भी इंजन तक पहुंच सकता है, तो इससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर हो जाती है।
रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी भी ट्रेन को बिना अधिकृत कारण के रोकना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। रेलवे संचालन में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल, वायरल वीडियो ने रेलवे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रेलवे इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाता है या नहीं, और यदि आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
