Home महानगरसत्ता का खेल नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की कांग्रेस की लड़ाई:- हर्षवर्धन सपकाल

सत्ता का खेल नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की कांग्रेस की लड़ाई:- हर्षवर्धन सपकाल

by trilokvivechana
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राज्य में चल रहे स्थानीय संस्थाओं के चुनावों को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान अहिल्यानगर में आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल द्वारा बड़े पैमाने पर गुंडागर्दी कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया जा रहा है। उम्मीदवारों को धमकाने, पैसों का लालच देकर नामांकन दाखिल न करने देने और नाम वापस लेने के लिए दबाव बनाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

सपकाळ ने आरोप लगाया कि पुलिस, प्रशासन और चुनाव आयोग निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। लोकतंत्र में चुनाव भयमुक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष होने चाहिए, लेकिन राज्य में इन मूल्यों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सत्ता पाने की नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के चुनाव प्रचार को योजनाबद्ध तरीके से बाधित किया जा रहा है। प्रचार के लिए हेलिकॉप्टर, सभाओं के लिए मैदान और अन्य सुविधाएं जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, ताकि चुनाव एकतरफा हो सके।

सपकाळ ने राज्य में बढ़ती हिंसक घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि उम्मीदवारों को डराने के लिए खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा है। अकोट, सोलापुर और खोपोली में हुई हत्याएं लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत हैं।

उन्होंने कहा कि महानगरपालिका चुनाव पानी, स्वच्छता, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर होने चाहिए, लेकिन भाजपा और महायुति इनसे ध्यान भटका रही है। सत्ता पक्ष पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा केवल दिखावटी लड़ाइयों में उलझी है और उसकी कथित ताकत जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।

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