
अयोध्या राम जन्मभूमि परिसर में शनिवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब श्रद्धालु बनकर आए कश्मीर के तीन लोगों में से एक व्यक्ति परिसर के निकास द्वार के पास नमाज पढ़ने लगा। घटना सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों व्यक्ति सुबह दर्शन के लिए श्रद्धालु के रूप में मंदिर परिसर में दाखिल हुए थे। भगवान श्रीराम के दर्शन के बाद जब वे बाहर निकल रहे थे, तभी सीता रसोई के पास एक व्यक्ति ने नमाज अदा करना शुरू कर दिया। इस पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। रोकने पर वह धार्मिक नारे लगाने लगा, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे काबू में ले लिया।
हिरासत में लिए गए लोगों में एक युवक, एक 56 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति और एक युवती शामिल हैं। तीनों ने खुद को कश्मीर का निवासी बताया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में रहते हुए इनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ राम जन्मभूमि पुलिस चौकी में की गई, इसके बाद उन्हें आगे की जांच के लिए अन्य स्थान पर ले जाया गया। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अयोध्या आने के पीछे उनका उद्देश्य क्या था। साथ ही कश्मीर में उनकी पृष्ठभूमि, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह घटना भावनात्मक आवेग में की गई हरकत थी या किसी बड़ी साजिश की पूर्व तैयारी।
अंतिम जानकारी तक, नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले व्यक्ति की पहचान अबू अहमद शेख, निवासी शोपियां (कश्मीर) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके साथ दो अन्य लोग—एक युवती और एक पुरुष—भी हिरासत में हैं।
बताया जा रहा है कि नमाज पढ़ने की घटना राम मंदिर के एक्जिट गेट के बाहर हुई, जिसकी सूचना मिलते ही वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सभी पहलुओं से मामले की जांच जारी है। खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हैं।
गौरतलब है कि राम मंदिर पहले भी हमले का निशाना बन चुका है और इसे लेकर लगातार आतंकी धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में इस घटना को सुरक्षा एजेंसियां अत्यंत गंभीरता से लेते हुए हर कोण से जांच कर रही हैं।