
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से ठीक पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को राजनीतिक रूप से बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दगडू सकपाल ने रविवार, 11 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया।
दगडू सकपाल लालबाग–परळ–सेवरी विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं। यह क्षेत्र बीते लगभग पांच दशकों से ठाकरे परिवार का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में इस इलाके से जुड़े अनुभवी नेता का शिंदे गुट में जाना सियासी हलकों में खास महत्व रखता है।
हालांकि वर्ष 2014 से इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अजय चौधरी कर रहे हैं, फिर भी सकपाल जैसे पुराने चेहरे का पार्टी छोड़ना उद्धव ठाकरे गुट के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला माना जा रहा है। वहीं, शिंदे गुट के लिए इसे केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बीते सप्ताह एकनाथ शिंदे और दगडू सकपाल के बीच हुई मुलाकात के बाद से ही उनके पाला बदलने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। अब सकपाल के शिंदे की शिवसेना में शामिल होने से इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीएमसी चुनाव से पहले यह घटनाक्रम मुंबई की राजनीति में नए समीकरण गढ़ सकता है और ठाकरे गढ़ में शिंदे गुट की पैठ को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।