
महाराष्ट्र में आगामी महानगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में राज्य निर्वाचन आयोग ने अहम फैसला लिया है। आयोग ने मतदान से एक दिन पहले ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत लाभार्थियों के खातों में अग्रिम राशि जमा करने पर रोक लगा दी है। हालांकि, योजना के अंतर्गत नियमित या पूर्व में स्वीकृत लाभ जारी रखने की अनुमति दी गई है।
राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के चलते आदर्श आचार संहिता लागू है। इसी दौरान ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत मकर संक्रांति से पहले दिसंबर और जनवरी माह की राशि एक साथ दिए जाने संबंधी खबरें सामने आई थीं। इन खबरों के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग को विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके बाद आयोग ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
आयोग के निर्देश पर मुख्य सचिव ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 4 नवंबर 2025 को स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के आम चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता से संबंधित समेकित आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के अनुसार, चुनाव की घोषणा से पहले शुरू की गई योजनाओं और विकास परियोजनाओं को आचार संहिता की अवधि में जारी रखा जा सकता है, लेकिन किसी भी प्रकार का अग्रिम लाभ देना अनुमन्य नहीं है।
इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत नियमित लाभ का भुगतान जारी रहेगा, लेकिन जनवरी माह का लाभ अग्रिम रूप में नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही आचार संहिता की अवधि में योजना के लिए नए लाभार्थियों का चयन भी नहीं किया जा सकेगा।
आयोग के इस फैसले को चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।