
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं। यह घटनाक्रम दिवंगत नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद सामने आया है, जिससे राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तरों पर राज्य में गहरा असर देखा जा रहा है।
अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। विधायक दल के नेता पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने रखा, जिसे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने समर्थन दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सभी विधायकों ने एकमत से इस प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसके बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी।
इससे पहले दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में दिवंगत अजित पवार के कार्यालय में एनसीपी विधायक दल की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उनके छोटे बेटे जय पवार भी मौजूद रहे। बैठक में कई मंत्री और विधायक भावुक नजर आए। वातावरण में शोक और जिम्मेदारी दोनों का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
सुनेत्रा पवार का राजनीतिक सफर हाल के वर्षों में तेजी से आगे बढ़ा है। वर्ष 2024 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें इस चुनाव में सफलता नहीं मिली और उन्हें सुप्रिया सुले के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में संसद पहुंचने का अवसर मिला। अब उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती में हुए विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार की दर्दनाक मौत हो गई थी। लैंडिंग से कुछ समय पहले विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। इस हादसे ने न केवल राज्य की राजनीति को झकझोर दिया, बल्कि महायुति सरकार के भीतर भी बड़े बदलाव की स्थिति पैदा कर दी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना एनसीपी के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से अहम कदम है। इससे पार्टी को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, समर्थकों में भी इसे पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण के बाद सुनेत्रा पवार ने राज्य की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह दिवंगत अजित पवार के सपनों को आगे बढ़ाने और प्रदेश के विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगी। महाराष्ट्र की राजनीति में यह बदलाव आने वाले दिनों में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।