
बीएमसी ने लागू कीं ‘ठोस कचरा प्रबंधन व स्वच्छता उपविधि-2025’, 21 उल्लंघनों पर तय हुआ दंड
मुंबई। शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने ठोस कचरा (प्रबंधन एवं हैंडलिंग), स्वच्छता और साफ-सफाई से संबंधित उपविधि-2025 लागू कर दी हैं। नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ₹250, कचरा फेंकने पर ₹500 और गीले-सूखे कचरे का वर्गीकरण न करने पर ₹200 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बिना अनुमति निर्माण व ध्वस्तीकरण मलबे के परिवहन पर प्रति वाहन ₹25 हजार तक का दंड तय किया गया है।
बीएमसी आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देशानुसार, अतिरिक्त आयुक्त (शहर) डॉ. अश्विनी जोशी के मार्गदर्शन और उपायुक्त (ठोस कचरा प्रबंधन) किरण दिघावकर की निगरानी में शहर और उपनगरों में स्वच्छता से जुड़ी कार्रवाई तेज की जा रही है। इसी क्रम में इन उपविधियों को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप व्यवस्था
डॉ. अश्विनी जोशी ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के अनुरूप मुंबई में उत्पन्न होने वाले कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए यह कदम उठाया गया है। इन उपविधियों का उद्देश्य गीले और सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से वर्गीकरण, संग्रहण और प्रसंस्करण सुनिश्चित करना है। ये नियम आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, सरकारी, अर्ध-सरकारी, शैक्षणिक, धार्मिक और सामाजिक—सभी प्रकार के परिसरों पर समान रूप से लागू होंगे।
कचरा प्रबंधन से लेकर सार्वजनिक स्वच्छता तक व्यापक दायरा
नई उपविधियों में कचरा फेंकने पर रोक, ‘स्वच्छ आंगन/परिसर’ सुनिश्चित करना, कचरे का पृथक्करण, भंडारण और परिवहन, उत्पादकों व ठेकेदारों की जिम्मेदारियां, सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधा (एमआरएफ), जैव-चिकित्सीय कचरा, ई-कचरा, प्लास्टिक कचरा तथा निर्माण व ध्वस्तीकरण मलबे से जुड़े विस्तृत प्रावधान शामिल किए गए हैं।
बीएमसी ने नागरिकों और सभी संस्थानों से अपील की है कि वे स्वच्छता अभियान में सहयोग करें और नियमों का सख्ती से पालन कर मुंबई को स्वच्छ व सुंदर बनाने में भागीदार बनें।
प्रमुख उल्लंघनों पर तय जुर्माना
- सड़क, गली, फुटपाथ या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकना – ₹500
- थूकना – ₹250
- सार्वजनिक स्थान पर स्नान – ₹300
- खुले में पेशाब – ₹500
- खुले में शौच – ₹500
- सार्वजनिक स्थान पर जानवरों/पक्षियों को खाना खिलाना – ₹500
- सार्वजनिक स्थान पर बर्तन या कपड़े धोना – ₹300
- वाहन धोना – ₹500
- परिसर साफ न रखना – ₹500 से ₹1500
- कचरे का वर्गीकरण न करना – ₹200 (व्यक्तिगत), ₹1000 (बड़े कचरा उत्पादक)
- अनधिकृत स्थान पर निर्माण मलबा फेंकना – ₹20,000 प्रति वाहन
- बिना अनुमति मलबे का परिवहन – ₹25,000 प्रति वाहन
- व्यावसायिक रूप से कचरा जलाना – ₹10,000
- पालतू जानवरों से गंदगी फैलाना – ₹1000
- सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद चार घंटे में सफाई न करना – जमा स्वच्छता राशि जब्त
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, कुल 21 प्रकार के उल्लंघनों पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। नगर प्रशासन का मानना है कि इन सख्त उपायों से मुंबई की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आएगा और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।