
मुंबई। चीन मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार की कथित अस्पष्ट भूमिका और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने के विरोध में मुंबई युवक कांग्रेस ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन मुंबई युवक कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में मुंबई कांग्रेस कार्यालय, राजीव गांधी भवन परिसर में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “नरेंद्र सरेंडर हो गया”, “चीन पर चुप्पी बंद करो” और “सच सामने लाओ” जैसे नारे लगाए। युवक कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर मोदी सरकार लगातार चुप्पी साधे हुए है और संसद के भीतर तथा बाहर सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि गलवान घाटी में वर्ष 2020 में हुए संघर्ष के बाद भी सरकार आज तक देश को पूरी सच्चाई क्यों नहीं बता रही है।
युवक कांग्रेस की मांगों में प्रमुख रूप से पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे की पुस्तक को तुरंत प्रकाशित करने की मांग भी शामिल रही। कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस पुस्तक में चीन के साथ हुए तनाव और सैन्य हालात से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने वाले हैं, जिन्हें जनता के सामने लाया जाना जरूरी है। उनका आरोप था कि सरकार जानबूझकर इस किताब के प्रकाशन को टाल रही है, ताकि सच्चाई उजागर न हो सके।
मुंबई युवक कांग्रेस की अध्यक्ष जीनत शबरीन ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि जनरल नरवणे द्वारा किए गए गंभीर खुलासों पर संसद में चर्चा कराने की मांग को लेकर राहुल गांधी ने आवाज उठाई, लेकिन उन्हें बोलने से रोका गया। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। जीनत शबरीन ने आरोप लगाया कि सेना की ओर से समय रहते दी गई चेतावनियों के बावजूद मोदी सरकार ने ठोस और निर्णायक कदम नहीं उठाए, जिसका खामियाजा देश के जवानों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों की शहादत देश कभी नहीं भूलेगा। शहीदों के परिवारों को आज भी न्याय का इंतजार है। जीनत शबरीन ने मांग की कि जवानों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को चीन के मुद्दे पर अपनी नीति और रणनीति को लेकर देश को स्पष्ट और पारदर्शी जवाब देना चाहिए।
युवक कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार ने इन सवालों पर चुप्पी नहीं तोड़ी और सच्चाई सामने नहीं लाई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा और देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना युवक कांग्रेस की प्राथमिकता है।
प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह संसद में इस मुद्दे पर खुली चर्चा कराए, जनरल नरवणे की किताब तुरंत प्रकाशित करे और चीन से जुड़े हर पहलू पर देश को भरोसे में लेकर पारदर्शिता के साथ कदम उठाए।