Home ताजा खबर44 साल बाद बीएमसी में भाजपा की वापसी, रितु तावड़े बनीं मुंबई की नई मेयर और संजय घाड़ी उपमहापौर निर्विरोध निर्वाचित

44 साल बाद बीएमसी में भाजपा की वापसी, रितु तावड़े बनीं मुंबई की नई मेयर और संजय घाड़ी उपमहापौर निर्विरोध निर्वाचित

by trilokvivechana
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मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को नया महापौर मिल गया है। भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ पार्षद रितु तावड़े को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का नया मेयर निर्विरोध चुना गया है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) के संजय घाड़ी डिप्टी मेयर बने हैं। खास बात यह रही कि इन दोनों पदों के लिए किसी भी अन्य दल ने उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे उनका चयन बिना मुकाबले के तय हो गया।

महापौर और उपमहापौर के चुनाव के दौरान सभागृह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने नवनिर्वाचित महापौर रितु तावड़े और उपमहापौर संजय घाड़ी को बधाई देते हुए उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। बीएमसी में 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भाजपा का मेयर बनने से पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और इसे संगठन के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।

रितु तावड़े का राजनीतिक सफर

रितु तावड़े का बीएमसी में लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। वे वर्ष 2012 से लगातार तीन बार पार्षद चुनी जाती रही हैं। उन्होंने हर बार अलग-अलग वार्ड से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। 2012 में वे वार्ड नंबर 127 से पहली बार पार्षद बनीं, इसके बाद 2017 में वार्ड नंबर 121 से जीत दर्ज की और 2026 के चुनाव में पूर्वी उपनगर घाटकोपर के वार्ड नंबर 132 से निर्वाचित होकर फिर से बीएमसी पहुंचीं।

महापौर बनने से पहले वे बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। संगठनात्मक स्तर पर भी उनकी सक्रियता रही है और वे वर्तमान में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। मराठा समुदाय से आने वाली रितु तावड़े ने गुजराती बहुल क्षेत्रों में भी मजबूत जनाधार तैयार किया है, जो उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

संजय घाड़ी की पहचान और सफर

डिप्टी मेयर बने संजय घाड़ी का राजनीतिक जीवन भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से की थी और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। पार्टी की स्थापना के समय से ही वे सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

इसके बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का रुख किया और पार्षद के रूप में अपनी पहचान बनाई। समय के साथ वे संगठन में सक्रिय रहे और मेहनत व जनसंपर्क के दम पर शिंदे गुट की शिवसेना में एक महत्वपूर्ण चेहरा बनकर उभरे।

संजय घाड़ी एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम शंकर यशवंत घाड़ी है। अपनी सादगी, जनता के बीच निरंतर मौजूदगी और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली के कारण वे स्थानीय लोगों के बीच खासे लोकप्रिय माने जाते हैं।

बीएमसी में नए महापौर और उपमहापौर के चयन के साथ ही शहर के प्रशासनिक और राजनीतिक समीकरणों में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नई टीम मुंबई के विकास, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक समस्याओं के समाधान को लेकर किस तरह काम करती है।

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